बंद पड़ा है डाउनहाल हेल्प डेस्क सेंटर और बक्सीपुर हेल्प डेस्क सेंटर।
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बिजली निगम के दो उपकेंद्र में बने हेल्प डेस्क सेंटर को देखकर लगता है कि इन्हें खुद हेल्प की जरूरत है। दो साल पहले 20 अप्रैल से उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए यहां एक मेज, कुर्सी और कंप्यूटर रखकर हेल्प डेस्क बनाई गई थी। लेकिन, अब यह स्टोर रूम और वाहन स्टैंड में तब्दील हो चुकी है।
उपखंड के एक कर्मचारी ने बताया कि खंड कार्यालयों पर इसकी व्यवस्था की गई थी। लेकिन, अब व्यवस्था सिर्फ दीवारों पर लिखी नजर आती है। उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शहर के चारों वितरण केंद्र पर हेल्प डेस्क बने थे। कर्मचारियों की तैनाती नहीं होना गंभीर विषय है। जांच कराकर इसे प्रभावी बनाया जाएगा।
केस 1
टाउनहाल उपकेंद्र
समय: दोपहर 1:30 बजे
उपकेंद्र के बिलिंग काउंटर के सामने हेल्प डेस्क बनी है। बाहर लोगों की जानकारी के लिए दीवार पर हेल्प डेस्क केंद्र लिखा है, लेकिन अंदर का नजारा बेहद हैरान करने वाला है। यहां कर्मचारियों ने अपने वाहन खड़े किए हैं। हेल्प डेस्क की सेवा लेने पहुंचे एक ग्राहक को काउंटर पर बैठे कर्मचारी से जानकारी लेनी पड़ी। उन्होंने भी जानकारी नहीं होने की बात कहकर वापस लौटा दिया।
केस 2
बक्शीपुर उपकेंद्र
समय: दोपहर 2:30 बजे
उपकेंद्र के कोने में बनाया गया हेल्प डेस्क सेंटर वीरान पड़ा है। हेल्प डेस्क के बाहर कर्मचारियों ने बाइक खड़ी की है। शीशे के अंदर झांककर देखा तो दो कुर्सी तो रखी थी, लेकिन कर्मचारी नहीं थे। सेंटर पर एक कंप्यूटर के साथ कर्मचारी की तैनाती की गई थी। आज वहां कुछ बोरियां भरी थीं। पूछने पर पता चला कि केंद्र लंबे समय से बंद है। स्टोर रूम के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।