बिजली के स्मार्ट उपभोक्ता अब अपने यहां चेक मीटर लगवा सकते हैं। अभी तक यह व्यवस्था केवल इलेक्ट्रॉनिक मीटर के साथ थी। स्मार्ट मीटर के तेज चलने की शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं को इससे राहत मिलेगी। उपभोक्ता को बिजली निगम के खाते में 175 रुपये जमा करने होंगे। अगर इस दौरान पता चला कि पुराना मीटर तेज चल रहा था तो उसके बिल को नए वाले बिल में समायोजित भी कर लिया जाएगा।
गोरखपुर में लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) के जिम्मे शहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी है। फर्म तीन अलग- अलग एजेंसियों के माध्यम से शहर के चारों वितरण खंडों में मीटर लगवा रहा है। फिलहाल अभी तक कुल 55882 स्मार्ट मीटर लगाए भी जा चुके हैं लेकिन लगने के बाद उपभोक्ता मीटर तेज चलने की शिकायत को लेकर लगातार परेशान हैं।
आए दिन लोग निगम के दफ्तरों में मीटर तेज चलने की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के आवेदन पर उनके यहां दुसरा स्पार्ट चेक मीटर लगाया जाएगा। इसकी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर रीडिंग की गणना कर तैयार की जाएगी। इसमें एक और व्यवस्था जोड़ी गई है। चेकिंग प्रक्रिया के दौरान अगर उपभोक्ता का मीटर धीमे चलता पाया गया तो किस्त के रूप में उपभोग की गई बिजली की दरें जमा कराया जाएगा।