फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर के 4500 उपभोक्ताओं का बिजली बिल ऑन होल्ड, बिना गलती भुगतना पड़ सकता है खामियाजा

Mon, 23 Nov 2020 04:03 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
विज्ञापन
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ऊर्जा निगम के चेयरमैन अरविंद कुमार की नाराजगी के बावजूद गोरखपुर शहर के 4500 उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑन होल्ड से नहीं हट सके। बिल लॉक होने की वजह से ऐसे उपभोक्ता बिजली का बिल नहीं जमा कर पा रहे हैं। यदि दो-तीन महीने बिल जमा नहीं हो पाया तो बकाएदारी तो बढ़ेगी ही, कनेक्शन भी काटा जा सकता है। जबकि इसमें उपभोक्ता की कोई गलती भी नहीं है।
विज्ञापन

 
पिछले हफ्ते चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपभोक्ताओं के बिल लॉक होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि मीटर रीडरों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को न भुगतना पड़े। इसका इंतजाम अधिकारियों को करना है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं के बिल अनलॉक नहीं हो सके।

खंडवार अधिकारियों को उपभोक्ताओं से संपर्क कर बिल को अनलॉक करना था। तीन दिन पहले अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने शहर के सभी खंडों के अधिशासी अभियंताओं के साथ बैठक कर ऐसे कनेक्शन को अनलॉक करने का निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए अधिकारियों को तत्काल बिल अनहोल्ड करने के लिए कहा गया है। इससे उपभोक्ताओं को भुगतान करने में सुविधा हो सकेगी। होल्ड बिल वाले उपभोक्ता भी अपने खंड के एसडीओ कार्यालय जा सकते हैं। उनकी समस्या तत्काल सही कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या होता है ऑन होल्ड बिल

अगर उपभोक्ता का बिल महीने में दो हजार रुपये आता है और अगले महीने छह हजार या एक हजार रुपये आ जाता है तो बिल को होल्ड पर डाल दिया जाता है। मतलब अधिक या कम बिल पर एजेंसी का सर्वर बिल को होल्ड में डाल देता है। इसके बाद एसडीओ बिल को जांच कर होल्ड हटाता है। फिर उपभोक्ता बिल जमा कर पाता है।

होल्ड वाले कनेक्शनों का बिल नहीं हो पाता जमा
जिन उपभोक्ताओं का बिल होल्ड हो जाता है वह उसका बिल नहीं जमा कर पाते हैं। जब तक होल्ड हटेगा नहीं, बिल जमा नहीं होगा। इससे उपभोक्ता बकाएदार बनता चला जाता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें