महेवा चार्जिंग स्टेशन पहुंची इलेक्ट्रिक बस।
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गोरखपुर शहर में सोमवार को इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन किया गया। इसकी सफलता से जिम्मेदार उत्साहित हैं। अभी दो से तीन दिनों तक ट्रायल रन और किया जाएगा। इसके बाद ही इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन, तय रूटों पर होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार के आगमन से पहले कार्यदायी संस्था पीएमआई ने चार्जिंग पैनल का ट्रायल किया। नौसड़ बस स्टेशन से 15 इलेक्ट्रिक बसों को महेसरा स्थित चार्जिंग स्टेशन पर खड़ा किया गया है। अब उनको स्थानीय प्रशासन से हरी झंडी का इंतजार है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने पांच अक्तूबर को ही लखनऊ में गोरखपुर सहित प्रदेश के सात नगर निगमों में चलने वाली 75 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई थी। 28 अक्तूबर को 15 इलेक्ट्रिक बसें गोरखपुर पहुंच गई थीं, लेकिन ये बसें अभी तक तय रूटों पर नहीं चल पाईं।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय से मिली एनओसी
महानगर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सोमवार को विद्युत सुरक्षा निदेशालय से एनओसी मिल गई है। पीएमआई के साइट इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि एनओसी नहीं मिलने की वजह से ई-बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही थीं। इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन को पॉवर सप्लाई न मिलने से बसों के चार्जिंग प्वाइंट का ट्रायल रुका था।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन कर लिया गया है। सफलता के बाद अब दो से तीन दिनों तक लगातार ट्रायल रन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित रूट पर इनका संचालन नियमित किया जाएगा।