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गोरखपुर: कई पंचायतों में प्रधान के खर्च पर मैदान में ताल ठोक रहे ग्राम पंचायत सदस्य, 12 को होगा मतदान

Sun, 06 Jun 2021 02:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

प्रधानी का सेहरा माथे पर सज सके इसलिए नवनिर्वाचित प्रधान अपनो को लड़ा रहे सदस्य का चुनाव। निर्वाचन प्रक्रिया खत्म होने के बाद भी 434 पंचायतों का नहीं हो सका गठन, प्रधान नहीं ले पाए शपथ।
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पंचायत उपचुनाव (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानी का सेहरा जल्द माथे पर सज सके इसलिए गोरखपुर जिले के सैकड़ों नवनिर्वाचित प्रधान अपने खर्च पर अपनों को ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा रहे हैं। दो मई को संपन्न हुए पंचायत चुनाव के दौरान तय मानक के मुताबिक दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचन नहीं हो पाने की वजह से जिले की 434 पंचायतों के निर्वाचित प्रधान शपथ नहीं ले सके थे। 
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इन पंचायतों का अभी तक गठन नहीं हो सका है। ऐसे में अपनी जेब के सदस्य निर्वाचित कराने के लिए कई नवनिर्वाचित प्रधान अपने खर्च पर इन्हें चुनाव लड़ा रहे हैं। गोला, बड़हलगंज, बेलघाट, उरुवां, गगहा, पिपराइच, कैंपयिरगंज समेत कई ब्लाकों की बिना गठन वाली ज्यादातर पंचायतों में यही हाल है।

आयोग की तरफ से उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। रविवार यानी आज सुबह से ही सभी ब्लाकों में ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान और बीडीसी के खाली बचे पदों के लिए नामांकन का काम चल रहा है। आज ही पर्चा दाखिल करने का आखिरी मौका भी है। सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 12 को मतदान और 14 को नतीजे आएंगे।
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समय से उपचुनाव शुरू हो जाने से जिले की 1294 में से बाकी बची 434 पंचायतों के गठन की भी राह खुल गई है। इसी महीने इन पंचायतों का भी गठन हो जाने की उम्मीद है।
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इन 7 पंचायतों में प्रधानी जीतने के बाद जिंदगी की जंग हार गए प्रत्याशी

सहायक निर्वाचन अधिकारी जगनारायण मौर्य के मुताबिक जिले में ग्राम पंचायत सदस्य के करीब 4496, प्रधान के 7 और बीडीसी के नौ पद खाली है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद आए नतीजों के आधार पर वर्तमान में 860 पंचायतों का गठन हो गया है। इनके प्रधानों ने शपथ लेने के बाद कामकाज भी शुरू कर दिया है।

वहीं मानक के मुताबिक दो तिहाई सदस्यों की संख्या पूरी नहीं हो पाने की वजह से 427 पंचायतों का गठन नहीं हो पाया तो वहीं छह ऐसी पंचायतें हैं जहां प्रत्याशी प्रधानी जीतने के बाद तो एक शपथ लेने के बाद जिंदगी की जंग हार गए। अब इन सभी पदों को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

भटहट ब्लाक के जंगल हरपुर के नवनिर्वाचित प्रधान भुआल यादव का निधन मतदान के दूसरे दिन ही हो गया था।जंगल कौड़िया ब्लाक के ग्राम पंचायत अहिरौली में ग्राम प्रधान चुनी गईं इंद्रा यादव का निधन मतगणना से पांच दिन पहले यानी 27 अप्रैल को हुआ। सरदारनगर ब्लाक की ग्राम पंचायत बरईपार की प्रधान गीता देवी का निधन मतगणना के चार दिन बाद। बड़हलगंज ब्लाक के ग्राम बेईली में प्रधान राजेश यादव की मौत मतगणना के बाद हुई तो जैतपुर गांव में प्रधान चुने गए पवन साहनी की मौत मतगणना के पहले ही।

पिपरौली ब्लाक के ग्राम मिश्रवलिया में राघेवंद्र दुबे उर्फ गिलगिल दुबे को 14 अप्रैल की रात गोली लगी, 17 को इलाज के दौरान लखनऊ में उनका निधन हो गया मतगणना के बाद जीत गए। पिपराइच ब्लाक के बरईपार गांव के नवनिर्वाचित प्रधान सुरेश प्रसाद की कोरोना संक्रमण की वजह से दो जून को मृत्यु हो गई। मौत के कुछ दिन पहले ही उन्होंने अस्पताल से शपथ ली थी।
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