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गोपनीयता भंग करने वाले का वापस लिया जाएगा मतपत्र

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गोपनीयता भंग करने वाले का वापस लिया जाएगा मतपत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विधान परिषद गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन में यदि कोई मतदाता मतदान के निर्देशों का अतिक्रमण करता है या मतदान की गोपनीयता भंग करता है तो ऐसे मतदाता से मतपत्र वापस ले लिया जाएगा। चाहें उसने मत अंकित किया हो अथवा नहीं। ऐसे मतदाता को पुलिस को सौंप दिया जाएगा। यह कहना है जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष निरंजन का।
उन्होंने बताया कि पीठासीन अधिकारी ऐसे मतपत्र पर जो रद्द किया गया-‘मतदान प्रक्रिया का अतिक्रमण किया गया है’ शब्द मतपत्र पर अंकित करेंगे। दृष्टिबाधित व अशक्त मतदाता को मतदान के लिए एक व्यक्ति सहायक के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए उसे मत को गुप्त रखने का घोषणा पत्र नियत प्रारूप पर देना होगा। टेंडर वोट के लिए प्रारूप 15 में आवश्यक विवरण भरना होगा। यदि कोई ऐसा मतदाता उपस्थित होता है जिसके नाम पर मतदान किया जा चुका है और बाद में आने वाला वास्तविक मतदाता है। पीठासीन अधिकारी वास्तविक मतदाता से संतुष्ट होने के बाद उसे निविदत्त (टेण्डर) मत डालने की अनुमति प्रदान करेगा। इसके लिए मतपत्र के गड्डी का अंतिम मतपत्र जारी किया जाएगा। इसके पीछे पीठासीन अधिकारी निविदत्त मतपत्र लिखेंगे। निविदत्त मत पत्र को चिह्नित करने के बाद मतदाता उसे पीठासीन अधिकारी को देंगे, जो अलग लिफाफे में रखकर मोहर बंद करेंगे।
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अभ्याक्षेप मत (चैलेंज वोट) डालने के लिए प्रारूप 14 में आवश्यक विवरण भरा जाएगा। इसके लिए चैलेंज करने वाले अभिकर्ता को दो रुपये नगद फीस का देना होगा, जिसके लिए पीठासीन अधिकारी उन्हें रसीद भी उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि चैलेंज करने वाले को संबंधित मतदाता को गलत साबित करने हेतु प्रमाण देना होगा। यदि चैलेंज सही है तो फीस वापस कर रसीद वापस ली जाएगी। आपत्ति सही होने पर संबंधित मतदाता को शिकायत पत्र के साथ पुलिस को सौंप दिया जाएगा। चैलेन्ज साबित न होने पर फीस जब्त कर ली जाएगी व मतदाता को मतदान करने दिया जाएगा।
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