गोरखपुर जिले की तीन विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां निर्दलीय उम्मीदवार कभी चुनाव नहीं जीत सके हैं। ये सीटें हैं गोरखपुर शहर, मुंडेरा बाजार (अब चौरीचौरा) और बांसगांव। खास बात यह है कि इन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार कभी मुख्य लड़ाई तक में भी नहीं रहे हैं।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बांसगांव विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2012 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर हिंदु युवा वाहिनी के प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी रहे, राम लक्ष्मण ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमाया। उन्हें 4,017 मतों से ही संतोष करना पड़ा था। वहीं, 2017 में निर्दलीय रामधारी को 1,496 मत मिले। इसी तरह शहर विधानसभा से 2017 में निर्दल प्रबल प्रताप शाही को केवल 851 मत मिले थे। वर्ष 2017 में चौरीचौरा विधानसभा (पहले मुंडेरा बाजार) से राकेश निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरे थे, उन्हें मात्र 1,268 मत मिले थे।
इसके उलट पिपराइच से जितेंद्र जायसवाल ने लगाई है हैट्रिक
गोरखपुर शहर, चौरीचौरा और बांसगांव के उल्टे, जिले की पिपराइच विधानसभा सीट से जितेंद्र जायसवाल उर्फ पप्पू भईया निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। वह 1993, 1996 व 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते और प्रदेश सरकार में मंत्री भी बने।