एंटी करप्शन टीम की गिरफ्त में आरोपी दरोगा।
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संतकबीरनगर जिले के धनघटा में घूस लेते पकड़े गए दरोगा को खलीलाबाद ले जाने के दौरान मुखलिसपुर और नाथनगर में बैरियर लगा कर एंटी करप्शन टीम को रोकने और आरोपी दरोगा को छुड़ाने के प्रयास में दो हेड कांस्टेबल समेत छह पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज हुआ। एंटी करप्शन गोरखपुर टीम के निरीक्षक की ओर से एसपी को दी गई तहरीर के आधार पर महुली पुलिस ने कार्रवाई की। एसपी ने बुधवार को धनघटा थाने के एसएसआई और पौली चौकी इंचार्ज समेत आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही जेल भेजे गए आरोपी दरोगा को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू करा दी।
एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा ने बताया कि धनघटा क्षेत्र के करमा गांव निवासी अब्दुल्ला पुत्र इस्मत हुसैन ने 24 जुलाई को कार्यालय पहुंच कर शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि उसके विपक्षियों ने घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इस मामले में धनघटा थाने में केस दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना धनघटा थाने में तैनात दरोगा राम मिलन यादव को मिली थी।
दरोगा राम मिलन यादव मुकदमे में चार्जशीट लगाने के लिए दस हजार रुपये की मांग कर रहे थे। वह रिश्वत में दस हजार रुपये नहीं देना चाहता है। रंगे हाथ रिश्वत देते हुए पकड़वाना चाहता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्री ट्रैप के लिए जांच के उपरांत टीम गठित की गई।
मंगलवार को ट्रैप टीम के निरीक्षक चंद्रेश यादव, निरीक्षक शिवमनोहर यादव, निरीक्षक उदय प्रताप सिंह, निरीक्षक धनंजय यादव, हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, चंद्रभान मिश्रा, नीरज कुमार सिंह और आरक्षी चालक भक्त दर्शन सिंह के साथ डीएम से लोक सेवक साक्षी की मांग की।
दरोगा राम मिलन यादव को दस हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी दरोगा को पकड़ कर कोतवाली लाया जा रहा था। रास्ते में मुखलिसपुर पुलिस चौकी पर लोहे के बैरियर लगाकर सरकारी वाहन को रोक दिया गया। उनकी ओर से सरकारी वाहन और परिचय पत्र दिखाने के बाद आक्रामक होकर बेंत से गाड़ी पर मारने लगे।
पुलिस ने दुर्व्यवहार करके गिरफ्तार आरोपी दरोगा को छुड़ाने का प्रयास किया। वहां पर पुलिस वर्दी में रिक्रूट कांस्टेबल अजीत पासवान, सत्येंद्र सिंह, रवि चौरसिया आदि ने बलपूर्वक हाथापाई की। उसके बाद धनघटा-खलीलाबाद मुख्य मार्ग पर नाथनगर पुलिस बूथ थाना महुली पर उसी तरह पूर्व सुनियोजित साजिश के तहत सरकारी वाहन को हेड कांस्टेबल जगदंबा तिवारी, अमरेंद्र सिंह बघेल व कांस्टेबल राज किशोर चालक ने गाड़ी की चाभी लेकर हाथापाई करते हुए दुर्व्यवहार किया। परिचय पत्र दिखाने पर बाद में हटे।
एसपी के निर्देश के बाद महुली पुलिस ने रिक्रूट कांस्टेबल अजीत पासवान, सत्येंद्र सिंह, रवि चौरसिया, हेड कांस्टेबल जगदंबा तिवारी, अमरेंद्र सिंह बघेल और कांस्टेबल राजकिशोर के खिलाफ साजिश के तहत पकड़े गए आरोपी दरोगा को छुड़ाने की कोशिश करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने हमलावर होने आदि धाराओं में केस दर्ज किया गया।
इस संबंध में एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि धनघटा थाने में तैनात एसएसआई हरिकेश भारती, पौली चौकी इंचार्ज मनोज कुमार पटेल और महुली थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जगदंबा प्रसाद तिवारी, अमरेंद्र सिंह बघेल, कांस्टेबल राजकिशोर प्रसाद, अजीत कुमार पासवान, रवि कुमार चौरसिया और सत्येंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। जबकि रिश्वत लेने में जेल भेजे गए आरोपी दरोगा राममिलन यादव को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की प्रारंभिक जांच भी शुरू करा दी गई है।