जीडीए के नया गोरखपुर योजना को आकार देने के लिए भू स्वामियों से सहमति के आधार पर वार्ता करके भू अधिग्रहण की कार्यवाही की जाएगी। जीडीए की टीम किसानों से मिलकर जमीन देने के संबंध में बात करेगी। नया गोरखपुर के लिए शासन की ओर से 400 करोड़ रुपये अवमुक्त किया गया है। कुशीनगर रोड पर 13 और बालापार-टिकरिया रोड पर 12 गांवों के किसानों की जमीनें लेकर नया गोरखपुर बसाया जाएगा।
शहर के आसपास के इलाकों में जीडीए की ओर छह हजार एकड़ में नया गोरखपुर बसाया जाना है। योजना के क्रियान्यवन में करीब तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों के लिए सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा कीमत दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए पूर्व में जब किसानों के साथ बैठक हुई, तो लोग तैयार नहीं हुए। इसके लिए दोबारा किसानों से बातचीत करने की तैयारी की गई है। जीडीए अधिकारियों का कहना कि पूर्व में कई योजनाओं में आने वाली अड़चनों को देखते हुए पहले भूमि अधिग्रहण कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
इन गांवों की जमीनों पर बसेगा नया गोरखपुर
बालापार-टिकरिया रोड के बालापार, मानीराम, परमेश्वरपुर, विशुनपुर, देवीपुर, ठाकुरपुर नंबर एक व दो, महराजगंज, रामपुर गोपालपुर, बैजनाथपुर, सोनबरसा, दौलतपुर, रहमतनगर और कुशीनगर रोड के रुद्रापुर, बहरामपुर, भैसहां, आराजी बसडीला, जगदीशपुर, आराजी मतौनी व माड़ापार, तकिया मेदिनीपुर, कोनी, कुसम्ही, मठिया बुजुर्ग, सिसवा उर्फ चनकापुर में नया गोरखपुर बसाया जाएगा।