बताया इसका बड़ा कारण लोगों में धूम्रपान की आदत, बिगड़ा खानपान और तनाव है। प्रदूषण और धूम्रपान की वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुमित ने बताया कि ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को इस वक्त ज्यादा खतरा है। क्योंकि बीपी इस मौसम में ज्यादा अप और डाउन होता है। जो ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण होता है।
ऐसे मरीज पिछले 10 दिनों के अंदर बढ़े हैं। हर दिन 10 से 15 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि हर दिन 25 से 30 फीसदी मरीज हार्ट-अटैक के आ रहे हैं। वहीं, डॉ. कुणाल ने बताया कि इमरजेंसी ओपीडी न चलने की वजह से ऐसे मरीज सुपर स्पेशियलिटी में नहीं आ रहे हैं।
बीआरडी के ट्रॉमा सेंटर की बात करें तो हर दिन 50 से 60 मरीज इमरजेंसी में आ रहे हैं। इनमें दो से तीन मौतें प्रतिदिन हो रही हैं। इनमें ज्यादातर को दिक्कत हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक की है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. महिम मित्तल ने बताया कि मौत का सही कारण तब पता चल पाएगा, जब पोस्टमार्टम होगा।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सिंह ने कहा कि पहली बार हार्ट-अटैक आने पर खतरा कम रहता है। इस दौरान एंजियोग्रॉफी से यह पता कर लिया जाता है कि ब्लाकेज कितना है। दूसरा कम खतरनाक होता है। लेकिन, तीसरे पर अटैक आने पर जान चली जाती है।
एमडी फिजिशियन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि बीपी और शुगर के मरीज ज्यादा सावधानी बरतें। अगर उनका बीपी अप और डाउन रह रहा है, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। इस बीमारी से पीड़ित मरीज सुबह और शाम खुले में टहलने से बचें।