बिना अनुमति के दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित नहीं होंगी। इसकी निगरानी के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। हर प्रतिमा के लिए बीट सिपाही को नोडल बनाया जाएगा। इन पर प्रतिमा स्थापित होने से लेकर उसके विसर्जन और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी होगी।
वहीं, थानों पर दरोगा रैंक के पुलिसकर्मी को नोडल बनाया गया है। कितनी मूर्तियां बिकीं और कितने की अनुमति है, दोनों नोडल अफसर आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान कर यह सुनिश्चित करेंगे कि बिना अनुमति के प्रतिमाएं स्थापित न होने पाएं।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि थाने और हर मूर्तिकार के यहां पर दरोगा रैंक के एक-एक पुलिसकर्मी को नोडल बनाया गया है। जो यह जानकारी जुटाएंगे कि कितनी मूर्तियां स्थापित हो रहीं हैं। मूर्तिकार से पुलिस यह फीडबैक लेगी कि उसके यहां से कहां-कहां और कितनी मूर्तियां गईं हैं।
उस जानकारी को समितियों की ओर से दी गई मूर्तियों की सूचना से मिलान कराकर सूची तैयार कराई जाएगी। साथ ही हर मूर्ति जहां स्थापित हो रही है, उस क्षेत्र के एक एक सिपाही को उसका नोडल बनाया गया है। जो यह सुनिश्चित कराएगा कि मूर्ति किस दिन स्थापित होगी, किस दिन और किस रूट से विसर्जन को जाएगी।
माइक और साउंड बजने की क्षमता कोर्ट के निर्देशों के अनुसार है कि नहीं। साथ ही इस बार अग्निशमन यंत्र लगाने और बिजली कनेक्शन के बारे में भी निर्देशित किया गया है। सिपाही इसे भी सुनिश्चित कराएगा।
जिले में स्थापित होती हैं तीन हजार से अधिक प्रतिमाएं
कोरोना काल में प्रतिमाएं कम स्थापित हुईं थीं, लेकिन कोरोना के पहले के आंकड़ों को देखें तो जिले में तीन हजार से अधिक छोटी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। सभी जगहों पर सुरक्षा हो, इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इसे लेकर मातहतों के साथ बैठक कर निर्देश भी दे दिया है।
थाने पर हो रही बैठक, सौहार्द बनाए रखने की अपील
एसएसपी के आदेश पर हरेक थाने पर अभी से दुर्गा प्रतिमा समितियों की बैठक शुरू कर दी गई है। पुराने, नए सभी को बुलाकर पुलिस सौहार्द से त्योहार मनाने और नियम-कानून के पालन की अपील कर रहे हैं।