पुलिस के गिरफ्त में आरोपी प्रदीप सिंह और शिव कुमार।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी चौराहे के पास पार्किंग का ठेका हासिल कर अवैध रूप से बस स्टैंड संचालित कर वसूली करने के मामले में सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कैंट पुलिस ने तीन अलग-अलग तहरीर पर रंगदारी, मारपीट, वसूली, धमकी देने साहित अन्य धाराओं में तीन केस दर्ज किए हैं।
तहरीर के आधार पर दिव्यांशु कंस्ट्रक्शन के प्रदीप सिंह, मुकुंद सिंह, प्रदीप शर्मा, शिव शुक्ला को नामजद किया गया। पांच अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने प्रदीप सिंह और शिव शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़ा गया आरोपी प्रदीप सिंह मोहद्दीपुर और शिवकुमार शुक्ला इन्द्रानगर का निवासी है। पुलिस ने आजाद नगर निवासी रामचरण सिंह, शिवदानी रोडवेज इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक सुभाष चंद तिवारी और गोरखपुर प्राइवेट बस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, रामचरण ने तहरीर में लिखा है कि बसों का पार्किंग शुल्क 40 रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद मनमानी की जा रही और 350 रुपये प्रति गाड़ी वसूली की जा रही है। ठेकेदार अवैध वसूली करता है। ज्यादा शुल्क देने से मना करने पर मारपीट भी करता है।
सुभाष ने तहरीर में लिखा कि बिहार सरकार की ओर से बस का परमिट है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन प्राधिकरण लखनऊ ने भी अनुमति दी है। बावजूद इसके बस का संचालन नहीं होने दिया जा रहा है।
गत 25 अगस्त को पार्किंग से बस हटवा दी गई। चालक से अभद्रता की गई। साथ ही प्रदीप सिंह ने धमकी दी और कहा कि यहां से बस नहीं चलने दी जाएगी। रंगदारी के रूप में रुपये भी वसूले गए। प्राइवेट बस एसोसिएशन की ओर से संजय कुमार जायसवाल ने दी तहरीर में लिखा है कि 17 सितंबर को मुकुंद सिंह ने फोन कर धमकी दी। उनकी ओर से रंगदारी भी मांगी गई है। पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अन्य की तलाश में जुटी है