गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन के आसपास डग्गामार वाहन संचालित किए जा रहे हैं।।
- फोटो : अमर उजाला।
परिवहन निगम एवं परिवहन विभाग की लापरवाही से गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन के आसपास खुलेआम डग्गामार वाहन संचालित किए जा रहे हैं। यहां इनके दबदबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो यात्री इनके वाहनों में बैठने से मना कर दे ये उसके साथ मारपीट भी करते हैं। लेकिन इन्हें बोलने वाला कोई नहीं होता।
शहर के रेलवे बस स्टेशन से रोजाना 15 से 20 हजार यात्री रोडवेज की बसों से सफर करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां डग्गामार वाहनों को संचालित करने वालों का पूरा गैंग सक्रिय हो गया है। रेलवे बस स्टेशन पर जाने वाले मार्ग के आसपास ये लोग अपने लोगों को बैठा देते हैं और जो भी व्यक्ति बैग लेकर बस स्टेशन की ओर इन्हें जाता दिखाई देता है तो वह उन्हें रोक लेते हैं और जबरन उनकी बस में चलने का दबाव बनाते हैं।
कुछ यात्री डरकर उनके साथ चल देते हैं लेकिन जो नहीं डरते हैं और उनकी बस से जाने से मना कर देते हैं तो डग्गामार वाहन संचालक उन्हें अपशब्द कहते हुए मारना-पीटना शुरू कर देते हैं। ऐसा नजारा यहां प्रतिदिन देखने को मिलता है। लेकिन न तो परिवहन निगम के जिम्मेदार इनपर कोई कार्रवाई करते हैं और न ही आरटीओ के जिम्मेदार। इस लापरवाही से नुकसान सिर्फ यात्रियों और सरकार का हो रहा है।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने बताया कि डग्गमार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए अक्सर पुलिस प्रशासन और आरटीओ को पत्र लिखा जाता है। लेकिन इनपर ठीक से कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते रोडवेज के राजस्व को काफी नुकसान होता है। इतना ही नहीं डग्गामार बस के चालक और परिचालक यात्रियों के साथ मारपीट पर भी आमादा हो जाते हैं। इसकी शिकायत होती है लेकिन जिम्मेदार कार्रवाई नहीं करते।