सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह के मुताबिक, नेपाल से निकलने वाली सरयू अैर राप्ती के पानी को रोकने के लिए नेपाल में कोई प्रबंध नही है। सरयू के पानी को रोकने के लिए बहराइच में बैराज बनाया गया है। राप्ती के पानी को रोकने के लिए श्रावस्ती में बैराज बना है। नेपाल में लगातार बारिश के बाद सरयू और राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
राप्ती रविवार तक खतरे के निशान से पांच मीटर नीचे थी। नदी में करीब 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद उसके जलस्तर में बीते 24 घंटे में 1.81 मीटर की बढ़ोतरी हो गई है। अभी और पानी बढ़ने की आशंका है। राप्ती की सहायक रोहिन नदी में भी नेपाल से पानी सीधे आता है। इस नदी का जलस्तर ढाई मीटर से अधिक बढ़ा है। डोमिनगढ़ के पास यह नदी राप्ती में मिलती है।
इस वजह से राप्ती का जलस्तर और तेजी से बढ़ेगा। उधर, सरयू नदी का जलस्तर अयोध्या में लाल निशान को पार कर गया है। बड़हलगंज के पास इसमें राप्ती नदी भी मिलती है। इसका असर बुधवार को बड़हलगंज इलाके में दिखेगा।
राप्ती, रोहिन और सरयू नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। हालांकि अभी राप्ती और रोहिन खतरे के निशान से नीचे हैं, फिर भी बांध की सुरक्षा को देखते हुए सभी अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। निगरानी बढ़ा दी गई है:
विकास कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग