- कैमरे न होने की वजह से आसानी से निकल जाते हैं पशु तस्कर
- कौवाबाग-पादरी बाजार फोरलेन पर रात में नहीं जलती हैं लाइटें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों ने जहां विकास की तस्वीर बदलनी शुरू की है, वहीं सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर असर डाला है। कई महत्वपूर्ण चौराहों और मार्गों से आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के कैमरे हटा दिए गए हैं। इस वजह से निगरानी में दिक्कत आ रही है।
पैडलेगंज से टीपीनगर तक सिक्सलेन और फ्लाईओवर निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से यहां लगे कैमरे हटा दिए गए हैं। परिणामस्वरूप इस पूरे मार्ग पर अब निगरानी कमजोर हो गई है। इसी तरह असुरन चौराहे पर भी कैमरे नहीं हैं, जिससे पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने में दिक्कत हो रही है। शहर के अन्य हिस्सों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। इसका फायदा पशु तस्कर आसानी से उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमरों की अनुपस्थिति और रात के अंधेरे में पशु तस्करों के वाहन तेजी से गुजरते हैं। अंधेरे की वजह से वह आसानी से निकल जाते हैं। सीसीटीवी कैमरे न होने की वजह से उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है।
फोरलेन पर रहता है अंधेरा
कौवाबाग से पादरी बाजार फोरलेन तक नई लाइटें लगने के बावजूद रात में अंधेरा छाया रहता है। तकनीकी खामियों और लापरवाही की वजह से लाइटें जल नहीं रही हैं। मार्च में ही यह लाइटें लगा दी गई थीं लेकिन अभी यह जल नहीं रहीं। इसी इलाके के आसपास पशु तस्कर सबसे अधिक आते हैं। लाइट और कैमरे न होने की वजह से वह आसानी से निकल जाते हैं।