यह है मामला
ड्रग विभाग ने सात अगस्त को गीडा क्षेत्र के गुप्ता बंधु का दो करोड़ रुपये की फेंसिडिल सिरप बरामद की थी। पहले दिन छह लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया था। साथ ही संतकबीरनगर जिले में उसी दिन गुप्ता बंधु पर भी एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज किया गया था। अगले दिन आठ अगस्त को गीडा थाना पुलिस ने भी गुप्ता बंधु सहित आगरा के दो दवा व्यापारी भाइयों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज किया था। इसके बाद से दोनों भाई फरार चल रहे हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा गोरखपुर के मामले में स्टे का कोई आदेश नहीं है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
नारकोटिक्स की दवाएं वापस कर रहे थोक व्यापारी
भालोटिया मार्केट के ज्यादातर थोक व्यापारी अब नारकोटिक्स की दवाएं वापस कर रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार में 35 फीसदी दवाएं नारकोटिक्स की हैं। इनमें कफ सिरप, पेट दर्द, नींद व झटके में दी जाने वाली दवाएं शामिल हैं। ड्रग विभाग छापा मार रहा है। अब परेशानी में नहीं पड़ना है।
गीडा व संतकबीरनगर में नशीली दवाएं पकड़ी गई थीं। इस मामले में भालोटिया मार्केट के व्यापारी अमित गुप्ता व आशीष गुप्ता नामजद किए गए हैं। इसके बाद से ड्रग विभाग ने ताबड़तोड़ छापा मारना शुरू कर दिया। कई थोक व्यापारियों की दुकानों पर जाकर छानबीन भी की और दवा की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकार्ड तलब किए गए। इसका असर अब देखने को मिल रहा है।