- बिजली बिल बकाया होने से पेयजल संकट, पाइपलाइन, बोरिंग और मोटर भी जर्जर
- जलकल महाप्रबंधक ने परिसर का किया निरीक्षण
गोरखपुर। नगर निगम में शामिल होने के बाद भी लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे आवासीय परिसर में अब व्यवस्था सुधारने की उम्मीद जगी है। करीब 20 वर्ष पुरानी पाइपलाइन, बोरिंग, गेटवाल और मोटर समेत जलापूर्ति की अन्य व्यवस्थाएं भी जर्जर हो चुकी हैं। इसको लेकर बृहस्पतिवार को जलकल की महा प्रबंधक ने निरीक्षण कर स्थल का जायजा लिया। इनके जीर्णोद्धार में करीब आठ से नौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सहारा एस्टेट की पेयजल समस्या से नगर निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया था। समिति की ओर से मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने मामले को तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को संबंधित उच्चाधिकारियों की टीम ने परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिति देखी और उसका पूरा खाका समिति से मांगा, जिसे तत्काल उपलब्ध करा दिया गया।