यह साल परिवहन निगम की ओर से आधुनिकीकरण की तमाम योजनाओं को कागज पर उतारने के बाद उन्हें धरातल पर न उतारने के लिए याद किया जाएगा। आलम यह है कि परिवहन निगम रेलवे बस स्टेशन और राप्तीनगर कार्यशाला समेत अन्य जगहों पर बुनियादी सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध करा सका है। अव्यवस्था का आलम यह रहता है कि रेलवे बस स्टेशन पर बाहर सड़क पर बसें खड़ी की जाती हैं और वहीं से सवारी भरी जाती हैं।
चार साल बाद भी संवरने की बाट जोह रहा रेलवे बस स्टेशन
गुजरात के वडोदरा की तर्ज पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर गोरखपुर डिपो के रेलवे बस स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य इस साल भी परवान नहीं चढ़ सका। यह योजना चार वर्ष पहले बनाई गई थी। रोडवेज प्रशासन ने कई बार टेंडर भी निकाला लेकिन कोई कंपनी पार्टनर के रूप में काम करने के लिए आगे नहीं आई। यह आलम तब है जबकि बस स्टेशन का भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। पेयजल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाएं यात्रियों को नहीं मिल पा रही हैं। बसें बाहर सड़क पर खड़ी की जाती हैं जो जाम का सबब बनती हैं।
क्रेन से बस निकालना मंजूर पर नहीं बनवाएंगे राप्तीनगर कार्यशाला की फर्श
परिवहन निगम राप्तीनगर डिपो की कार्यशाला की फर्श वर्षों से गड्ढों में तब्दील है। आए दिन बसें इन गड्ढों में फंस जाती हैं, जिन्हें क्रेन से निकलवाना पड़ता है। पूर्व परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ निगम के कई बड़े अधिकारियों ने कार्यशाला के निरीक्षण के दौरान फर्श का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। जो धरातल पर नहीं उतर पाया। वर्तमान में फर्श के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उम्मीद है नए साल में बसों को गड्ढों से मुक्ति मिल जाएगी।
अब तक आधुनिक नहीं बन सका चालक प्रशिक्षण केंद्र
महानगर के चरगावां में लगभग पांच करोड़ की लागत से बने चालक प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने की योजना एक साल बाद भी अधूरी है। एक वर्ष पहले इसका लोकार्पण हो चुका है। ड्राइविंग लाइसेंस यहीं बनते हैं। डीटीआई भवन के भूतल पर प्रयोगशाला, हल्के और भारी वाहनों के अभ्यास के लिए कंप्यूटर कक्ष, प्रथम तल पर सेंटर हेड कक्ष, सर्विलांस कक्ष, सभागार, अभ्यर्थियों के लिए क्लास रूम और 100 लोगों के लिए ऑडिटोरियम बना है, लेकिन यह सब पूरी तरह से अव्यवस्थित है। यहां सेमुलेटर लगने थे, जिस पर लोग वाहन का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें, साथ ही सेंसर के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट होना था, लेकिन न सेमुलेटर लगा न ही सेंसर।