डीआईजी गोरखपुर ऑफिस में लैपटॉप की जरूरत बताकर एक जालसाज ने दुकानदार से पांच लैपटॉप व दो बैट्री ले ली। इतना ही नहीं जालसाज ने फर्जी चेक भी दिया था, जो बाउंस हो गया। डीआईजी के आदेश पर रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपी राजेश शुक्ला के खिलाफ जालसाजी व धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
रामगढ़ताल इलाके के साकेतनगर निवासी चंदन कुमार राय की आजाद चौक पर कंप्यूटर की दुकान है। छह दिसंबर को उनके दुकान पर एक युवक आया और खुद को डीआईजी ऑफिस में तैनात कर्मचारी बताया।
बकौल चंदन उसने बताया कि डीआईजी कार्यालय में लैपटॉप की जरूरत है। पांच लैपटॉप व दो बैट्री जिसकी कीमत 76 हजार 500 रुपये है ले लिया। जाते समय उसने तीन चेक दिए और कहा कि अभी चेक को मत लगाना। जब सैलरी आ जाएगी तो बता दूंगा, निकाल लेना। काफी दिन बाद पीड़ित ने बैंक में चेक लगाया। उसके बाद पता चला कि उसके खाते से कभी एक हजार रुपये से अधिक की लेनदेन नहीं हुई है। इसके बाद पीड़ित ने डीआईजी से मुलाकात की।
डीआईजी के आदेश पर बृहस्पतिवार को आरोपी के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज कर लिया गया। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जल्द आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
सोने की जालसाजी में पकड़ा गया था राजेश
रामगढ़ताल पुलिस ने जिस राजेश पर जालसाजी का केस दर्ज किया है, उसे करीब एक साल पहले राजघाट पुलिस ने पकड़ा था। तब उसने लोगों से खुद को मीडियाकर्मी बताकर रुपये वसूले थे। कई से सोने के जेवर उधार पर भी ले लिया था। बाद में पुलिस ने उस पर केस दर्ज किया था।