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गोरखपुर: पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का किया पर्दाफाश, मुख्य आरोपी ने दी धमकी, लड़की को भेजो जेल, नहीं तो उसकी भी कर दूंगा हत्या 

Sat, 29 Jan 2022 10:07 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

पुलिस ने मुख्य आरोपित मिथुन और उसके साथी सत्यम को गिरफ्तार करके, झंगहा के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। कुल लब्बोलुआब यह रहा कि एक लड़की की चाहत में बाधा बनने पर मिथुन ने अपने दोस्त सत्यम की मदद से आकाश को कुदाल के वार से कत्ल कर दिया।
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पुलिस ने हत्याकांड का किया खुलासा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर में ‘आपराधिक साजिश (आईपीसी की धारा 120बी) में लड़की को जेल भेजो, नहीं तो जेल से बाहर आकर उसकी हत्या कर दूंगा।’ झंगहा के दो दोस्तों आकाश और गणेश की हत्या के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किए गए, मुख्य आरोपित मिथुन ने पुलिस कस्टडी में यह धमकी दे डाली।

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पुलिस ने मुख्य आरोपित मिथुन और उसके साथी सत्यम को गिरफ्तार करके, झंगहा के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। कुल लब्बोलुआब यह रहा कि एक लड़की की चाहत में बाधा बनने पर मिथुन ने अपने दोस्त सत्यम की मदद से आकाश को कुदाल के वार से कत्ल कर दिया। मौके पर उसका दोस्त गणेश आ गया तो उन्होंने उसे भी मार डाला और गांव में ही एक गड्ढे में ठिकाने लगा दिया।

मिथुन पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज
प्रभारी एसएसपी सोनम कुमार और एसपी नॉर्थ मनोज अवस्थी ने पकड़े गए हत्यारोपितों के बारे में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। मुख्य आरोपित मिथुन कुमार उर्फ शिवम प्रताप देवरिया के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के बनकटा का स्थायी निवासी है। वर्तमान में वह नौकाबारी गांव में रहता है। उसका साथी सह आरोपित सत्यम, देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के हरमापुर गांव का रहने वाला है। मिथुन पर पहले ही दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज है। इस आरोप में जेल में रहने के बाद बाहर आए मिथुन ने कानून से जुड़ी किताबें खरीदी थीं। किस मामले में क्या सजा हो सकती है, इसके लिए पुलिस को कौन सा साक्ष्य देना जरूरी है, यह सब उसने पढ़ डाला था। 
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मैं जेल में उसे अपना प्यार याद दिला दूंगा
यही वजह है कि उसने शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। पकड़े जाने के बाद पुलिस से उसने यह तक कह दिया कि साक्ष्य ही नहीं तो जेल कैसे भेजेंगे? जब उसे मोबाइल फोन से मिले साक्ष्यों के बारे में पता चला तो वह चुप हो गया। फिर पुलिस से बोला लड़की को भी धारा 120बी (आपराधिक साजिश) का आरोपित बनाकर जेल भेजो। मैं जेल में उसे अपना प्यार याद दिला दूंगा, नहीं तो बाहर आकर उसकी हत्या कर दूंगा।

16 जनवरी को हुई थी हत्या
एसपी नॉर्थ ने बताया कि आकाश और गणेश की हत्या 16 जनवरी की रात हुई थी। घर से सात जनवरी को दोनों बाहर कमाने निकले थे, लेकिन दस जनवरी को लौट आए थे। इसके बाद अगली सुबह घर से निकल गए थे। नकली नोट चलाकर रुपये कमाने के लालच में आकाश और गणेश, मिथुन के संपर्क में आए थे। वारदात वाले दिन, मिथुन दोनों को बाघागाड़ा और फिर गांव के पास स्थित एक खंडहर हो चुके विद्यालय के पास ले गया। मिथुन और सत्यम ने आकाश और गणेश को शराब पिलाई। फिर तय साजिश के तहत आकाश को एक महिला से मिलाने के बहाने लेकर मिथुन गड्ढे की ओर चला गया। पीछे से उसका दोस्त सत्यम भी वहां आ गया। 

कुदाल से हमला कर दिया मिथुन
वहीं पर गड्ढे में मिथुन ने आकाश के सिर पर कुदाल मारकर मौत के घाट उतार दिया। शव को मिथुन और सत्यम गड्ढे में अभी दबा ही रहे थे कि पीछे से गणेश भी पहुंच गया। आकाश को मरा देखकर गणेश भागने लगा, लेकिन उसका पैर फिसल गया और वह गिर पड़ा। पीछे से आए मिथुन ने उसके सिर पर भी कुदाल से हमला कर दिया और उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद सत्यम की मदद से उसे भी गड्ढे में ले जाकर दफना दिया। आने-जाने के लिए पानी वाले रास्ते का इस्तेमाल किया गया था। इसके पीछे का मकसद था कि फुटप्रिंट नहीं आएगा। आरोपितों ने फिंगर प्रिंट छिपाने के लिए कुदाल को धो दिया। मिथुन जिस घर से कुदाल लाया था, उसे वहां पहुंचा भी दिया। पूरी पड़ताल के बाद दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया।

मोबाइल फोन की मदद से ऐसे खुला मामला
घर से लापता होने के बाद ही आकाश और गणेश का मोबाइल फोन स्विच ऑफ था। इसकी वजह थी कि घरवाले उनसे संपर्क ना कर सकें। इस बीच अचानक मोबाइल फोन 17 जनवरी को ऑन हुआ। मोबाइल फोन रिचार्ज किया गया, फिर उस मोबाइल फोन से ईमो एप की मदद से एक लड़की को संदेश भेजा गया। बताया गया कि आकाश और उसके दोस्त की हत्या कर दी गई है, तुम कहीं छिप जाओ, नहीं तो जेल चली जाओगी। यह संदेश पढ़ने के बाद लड़की घबरा गई, फिर मिथुन ने सत्यम से फोन कराया और हत्या की बात बता दी। 

लड़की ने फोन, संदेश के बारे में जानकारी दी
मगर, उस समय मिथुन ने यह जाहिर नहीं होने दिया था कि फोन वही कर रहा है। अपनी पहचान छुपाकर, उसने कॉल कराई थी। यही कॉल, हत्याकांड के पर्दाफाश का जरिया बनी। सीडीआर की मदद से पुलिस लड़की तक पहुंची, तब लड़की ने फोन, संदेश के बारे में जानकारी दी। इधर, पुलिस की दूसरी टीम गांव के आसपास रिचार्ज करने वाले दुकानदार के पास पहुंची तो सत्यम के बारे में जानकारी मिली।

जेल में हत्यारोपित की हुई थी लड़की के मां-बाप से मुलाकात
दोहरे हत्याकांड का सबब बनी लड़की, हत्यारोपित मिथुन के संपर्क में कैसे आई? इसकी पड़ताल में पता चला कि मिथुन की मुलाकात लड़की के माता-पिता से जेल में हुई थी। साल 2017 में बहू की हत्या के आरोप में लड़की के माता-पिता जेल में बंद थे। मिथुन गांव की एक लड़की से दुष्कर्म के आरोप में इसी दौरान जेल पहुंचा था। आस-पास गांव होने की वजह से दोनों के अच्छे रिश्ते बन गए। बाद में मिथुन जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद माता-पिता की रजामंदी पर वह लड़की के साथ 11 महीने तक रहा। बाद में जाति के चक्कर में दोनों के रिश्ते टूट गए।

मोबाइल फोन जला दिया, बचने को ग्लव्स पहन की थी हत्या
हत्यारोपित मिथुन इतना शातिर है कि ग्लव्स पहनकर उसने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस को सुराग न मिलने पाए, इस वजह से उसने गायब रहने के दौरान दोस्त का मोबाइल फोन बंद करा दिया था। वारदात के दूसरे दिन आकाश के मोबाइल फोन को जला दिया और गणेश के मोबाइल फोन को बाघागाड़ा के पास नदी में फेंक दिया था। इसके पीछे उसकी मंशा थी कि सर्विलांस की मदद से पुलिस उस तक ना पहुंच सके। वारदात में ग्लव्स का इस्तेमाल किया, ताकि पुलिस को फिंगर प्रिंट न मिलने पाए। इतना ही नहीं कुदाल भी गांव से मांग कर लाया था। वारदात करने के बाद उस पर कोई निशान न रह जाए, इसके लिए उसे वाशिंग पाउडर से धोकर दे आया था। ग्लव्स को भी उसने पानी में फेंक दिया।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में ये थे शामिल
झंगहा इंस्पेक्टर संतोष कुमार अवस्थी, निरीक्षक स्वाट टीम प्रदीप शर्मा, सर्विलांस प्रभारी धीरेंद्र राय, उप निरीक्षक देवीशंकर पांडेय, हेड कांस्टेबल अरुण खरवार, कांस्टेबल दुर्गेश मिश्रा, करुणापति, प्रभात मिश्रा, अशोक कुमार, राकेश यादव शामिल रहे।

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