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Gorakhpur News: दान विलेख बना बेनामी संपत्ति हासिल करने का हथियार, कई माफिया पुलिस के रडार पर

Wed, 18 Oct 2023 11:41 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस की जांच में ऐसे मामले आए हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध अर्जित संपत्ति की छानबीन कराई जा रही है। जिनके संंबंध में सूचना आएगी, कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Getty Images
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विस्तार
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दान विलेख बेनामी संपत्ति हासिल करने का हथियार बन गया है। ऐसा इसलिए कि आपत्ति या शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अक्सर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती। रजिस्ट्री कार्यालय में भी किसी तरह की छानबीन नहीं की जाती। इसी का फायदा माफिया उठाते हैं। पिछले दिनों माफिया सुधीर सिंह की 400 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का मामला सामने आने के बाद अब पुलिस अंडरग्राउंड क्राइम की जड़ें तलाशने में जुट गई है।

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माफिया पर कार्रवाई में जुटी पुलिस को सुधीर सिंह की 400 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली है। करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए माफिया ने दान विलेख का सहारा लिया है। ऐसी 13 जमीनों के दस्तावेजों की छानबीन करके पुलिस ने सूची तैयार कर ली है। कलेक्ट्रेट कचहरी से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ठीक से जांच करे तो अभी कई अन्य माफिया भी सामने आएंगे, जो दान विलेख के सहारे लोगों की संपत्तियों पर काबिज हैं।

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वरिष्ठ अधिवक्ता व्यंकटेश्वर नाथ तिवारी बताते हैं-दान विलेख की प्रक्रिया के जरिए प्रॉपर्टी को किसी को भी दान किया जा सकता है। इसमें रक्त संबंधों में दान दिया जा सकता है। किसी बाहरी को भी दे सकते हैं। दान विलेख यानी कि गिफ्ट डीड में जिसके नाम से प्रॉपर्टी दान की जाती है, उसके खिलाफ आगे चलकर किसी तरह का दावा, क्लेम या मुकदमा करने पर बैनामा मंसूख होने की संभावना नहीं होती। जमीन का खारिज दाखिला भी अटक सकता है। लेकिन दान विलेख लेने वाले व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होती।

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पुलिस को शक, डरा-धमकाकर कराया गया दान विलेख

करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाने वाले सुधीर सिंह के पक्ष में दान विलेख पर पुलिस को शक है। पुलिस मान रही है कि डरा-धमकाकर दान विलेख कराया गया है। इसमें दानदाता कोई क्लेम नहीं कर पाते हैं। इसलिए अभी तक ऐसी संपत्तियों के बारे में कोई जानकारी नही मिल सकी। अन्य आपराधिक और भूमाफिया के मामलों में भी ऐसा खेल सामने आ सकता है। इसलिए पुलिस नए सिरे से पड़ताल की तैयारी में है।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस की जांच में ऐसे मामले आए हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध अर्जित संपत्ति की छानबीन कराई जा रही है। जिनके संंबंध में सूचना आएगी, कार्रवाई की जाएगी।
 
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