जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव ने बताया कि एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त संख्या में है। एक व्यक्ति को चार एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। इसमें जिस दिन कुत्ते ने काटा हो उस दिन, तीसरे दिन, सातवें और 28वें दिन वैक्सीन लगाने की जरूरत होती है। आमतौर पर 0.25 प्रतिशत कुत्ते ही रैपिड होते हैं, जिनके काटने से रेबीज होता है। पालतू कुत्तों के काटने से रेबीज की आशंका न के बराबर होती है। पालतू कुत्तों को पहले ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा दी जाती है।
केवल बीआरडी में लगता है इम्युनोग्लोबुलिन
एसआईसी ने बताया कि इम्युनोग्लोबुलिन केवल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगता है। इसके एक वायल की कीमत दो हजार के आसपास है। इसकी सप्लाई शासन से केवल मेडिकल कॉलेजों में की जाती है। जबकि इम्नोग्लोबोलीन लगवाने के लिए हर दिन 20 से 25 लोग जिला अस्पताल पहुंचते हैं। यह ऐसे मरीजों को लगाया जाता है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आते हैं।