वर्ष 2000 के दशक में एक समय ऐसा भी था जब गोरखपुर के डॉक्टर किसी भी अनजान नंबर का फोन उठाते ही नहीं थी। अब आप सोच रहे होंगे क्या वास्तव में ऐसा हो सकता है तो आपको बताते हैं यह दहशत थी माफिया अमित मोहन वर्मा और रामायण उपाध्याय की।
वर्ष 2000 के दशक में यह दोनों बदमाश सिर्फ डॉक्टरों से ही रंगदारी वसूलते थे। उनका खौफ इतना था कि कोई डॉक्टर अनजान कॉल रिसीव नहीं करता था।
अमित और रामायण ने शहर के दर्जनों डॉक्टरों से रंगदारी वसूली थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी सिंह से भी उन्होंने रंगदारी मांगी थी लेकिन जब डॉ. जेपी सिंह ने पैसा देने से इनकार कर दिया तो दोनों ने उनके घर के पास 2004 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।