अगर आप का मोबाइल फोन खो गया या चोरी हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। स्थानीय पुलिस स्टेशन या यूपी कॉप पर मोबाइल के संबंध में सूचना देकर इसे सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करा दें। इससे खोए हुए मोबाइल फोन की आईएमईआई बंद हो जाएगी। ऑनलाइन डेटा के जरिये पुलिस उसे आसानी से खोज निकालेगी।
इससे आप के मोबाइल फोन का कोई दुरुपयोग नहीं होगा। यह जानकारी एसपी सिटी केके विश्नोई ने दी। बताया कि केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल को खोए हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट करने और उन्हें ट्रैक करने के लिए शुरू किया गया है।
सोमवार को एसपी सिटी पुलिस लाइन में सीईआईआर पोर्टल के संबंध में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इसके जरिये मोबाइल फोन की आसानी से तलाश हो जाएगी। उसका दुरुपयोग नहीं हो सकेगा। पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल को ब्लॉक करने की सुविधा है। यह पोर्टल सभी मोबाइल ऑपरेटरों के डेटाबेस से जोड़ा गया है।
इस वेबसाइट पर लॉगइन करके मोबाइल फोन के आईईएमआई (अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या) को ब्लाॅक कर सकेंगे। इससे फोन का क्लोन नहीं बन सकेगा। उसमें कोई भी सिम लगाकर उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी ने उसमें सिमकार्ड लगाकर चालू किया तो वह आसानी से ट्रैक हो जाएगा।
इस तरह से ब्लाॅक होगा मोबाइल फोन
- फोन के चोरी होने, गायब होने की सूचना यूपी कॉप एप या नजदीकी पुलिस स्टेेशन पर दें।
- अपने मोबाइल नंबर का दूसरा सिमकार्ड लें। फिर सीईआईआर पोर्टल पर जाएं।
- मेन्यू बार में होम पेज से सीएआईआर सेवाएं विकल्प पर जाकर सूची से ब्लॉक चोरी/खोया मोबाइल विकल्प पर जाकर उसे क्लिक करें।
- फिर दिए गए फार्म में सारी सूचनाएं दर्ज करके आवश्यक दस्तावेजों को अटैच करके उसकी कापी निकाल लें।
- यदि मोबाइल फोन मिल जाता है तो उसे अनब्लाॅक भी कर सकते हैं। अनब्लॉक मोबाइल फोन के लिए अपनी रिक्वेस्ट आईडी, ब्लॉक करने के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर और ओटीपी के लिए मोबाइल नंबर डालें। फिर अपना आवेदन ऑनलाइन जमा करा दें। बाद में आप का मोबाइल फोन करने लगेगा।
एसपी सिटी केके विश्नोई ने बताया कि मोबाइल के खोने, चोरी होने पर उसके दुरुपयोग की आशंका रहती है। सीईआईआर पोर्टल पर ऐसे मोबाइल फोन को ब्लाॅक करने की सुविधा है। इससे फोन का न तो क्लोन बन सकेगा। न ही उसका इस्तेमाल होगा। पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल को आसानी से खोजा जा सकेगा।