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निंदा किसी देवता की न करें, निष्ठा एक देवता में ही हो : कृष्णचंद

Thu, 28 Sep 2023 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। व्यास पीठ से कथाव्यास कृष्णचंद्र शास्त्री ने कहा कि भक्त को चाहिए कि वह निंदा किसी भी देवता की न करें, किंतु निष्ठा किसी एक देवता में ही करें। क्योंकि एक ही परमात्मा अनेक रूपों में, विविध देव मूर्तियों में व्याप्त है। वह परमात्मा अजन्मा होते हुई भी जन्म लेकर भक्तों को अपना अनुग्रह प्रदान करते हैं।
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कथा व्यास ने कहा कि भगवान जिस दिन गर्भ में पधारे उसी समय संपूर्ण लोक कृतार्थ हो गया। भगवान के 24 अवतारों में श्रीराम और श्रीकृष्ण का अवतार पूर्ण अवतार है। राम और कृष्ण में कोई अंतर नहीं है।
कथा व्यास ने कहा कि यदि आप किसी भी परेशानी में हैं अथवा समस्या से ग्रस्त हैं तो किसी अन्य से नहीं अपितु अपनी आंखें बंद कर स्वयं से पूछो, अंदर से आवाज आएगी और समाधान हो जाएगा। समाधान हमेशा बाहर से नहीं अपितु अंदर से ही होता है।
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उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे मीठी व सरल भाषा संस्कृत है। यूरोप के जर्मनी जैसे देश में 1200 विद्यालयों में संस्कृत पढ़ाई जाती है। पढ़ाने वाले भी वहीं के जर्मन व अंग्रेज विद्वान हैं। उसमें भी भागवत की संस्कृत तो और मीठी है इसीलिए व्यास जी ने भागवत कथा को संस्कृत भाषा में लिखी। उन्होंने कहा कि भक्ति के लिए कोई उम्र नहीं होती, जब अवसर मिले भगवान का भजन कर लेना चाहिए। जब भगवान कुंती से वरदान मांगने के लिए कहते हैं तो वो दुख को मांगती हैं। कहती हैं कि जब विपत्ति होती है तभी आपको याद करती हूं। भक्त को दुख से घबराना नहीं चाहिए क्योंकि दुख ही भगवान रूपी सुख को देता है।
सनातन धर्म की महिमा बताते हुए कथा व्यास ने कहा कि आज कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सनातन हिंदू धर्म को गाली दे रहे हैं। उन्हें पता नहीं कि यह धर्म नष्ट होने वाला नहीं हैं। लगभग 200 करोड़ वर्ष प्राचीन यह सनातन धर्म नित्य धर्म है। बहुत धर्म आए और गए किंतु यह सनातन धर्म विरोध करने पर और प्रबल होता गया। यह भगवान का धर्म है किसी व्यक्ति के द्वारा नहीं बनाया गया। भगवान सत्यनारायण का यह सत्य सनातन धर्म है। इसलिए कहा गया है सत्यमेव जयते।
कथा का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण से हुआ। इस अवसर पर योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रवींद्र दास, चेचाईराम के महंत पंचाननपुरी, योगी धर्मेंद्र नाथ, यजमान अवधेश सिंह, महेश पोद्दार, विकास जालान तथा व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन आदि उपस्थित रहे।
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