गोरखपुर के गांव हरपुर बुदहट के कपड़ा प्रेस करके वाले दिव्यांग ने प्राइवेट कंपनी और स्थानीय सूदखोरों से लोन लिया था। सूदखोर पैसा वसूली के लिए दबाव बना रहे थे। घर का सामान भी उठाकर ले जाना चाह रहे थे। तंग आकर दिव्यांग ने जहर खा लिया।
सूदखोरों से तंग आकर एक दिव्यांग व्यक्ति ने शनिवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से युवक की दिव्यांग पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मामला हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के हरपुर गांव का है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के मुताबिक, हरपुर गांव निवासी संजय कन्नौजिया (48) कपड़ा प्रेस करके जीवन यापन करते थे। उन्होंने प्राइवेट कंपनी से करीब दो लाख रुपये लोन ले रखा था। साथ ही स्थानीय सूदखोरों से भी करीब तीन से चार लाख रुपये लिए थे। रुपयों के लिए प्राइवेट कंपनी और सूदखोर दबाव बना रहे थे।
घटना के एक दिन पहले प्राइवेट कंपनी का कर्मी किस्त मांगने आया था। शुक्रवार को फाइनेंस कंपनी के एजेंट घर में घुसकर सामान ले जाने लगा। कंपनी की 2,200 रुपये की किस्त थी। इसकी वजह से संजय बहुत परेशान थे। शनिवार दोपहर कुछ सूदखोर भी घर पर रुपये मांगने आए थे। रुपये मांग कर जैसे ही सूदखोर वहां से गए, तभी संजय ने जहर खा लिया। आनन-फानन परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरपुर बुदहट थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। जांच शुरू कर दी गई है।
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दो बेटे और एक बेटी हैं परिवार में
संजय की दिव्यांग पत्नी माला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। संजय के दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा दीपक (20), छोटा बेटा आशीष (17) और बेटी अंशिका (15) है। पिता की मौत के बाद तीनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों सूदखोरों को कोसते नजर आए।