फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur: जी-20 के 11 कार्यक्रम होंगे यूपी के चार शहरों में, इस बार की थीम है वसुधैव कुटुम्बकम

Sun, 11 Dec 2022 04:15 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

जी 20 का नेतृत्व इस बार भारत को दिया गया है। उत्तर प्रदेश में भी जी 20 के कार्यक्रम होंगे। जी 20 को लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षण संस्थानों को उद्योगों से मिलकर काम करने को कहा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि तेजी से बदलता हुआ और विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ता भारत पूरी दुनिया के लिए कौतुहल का विषय है। आजादी के बाद पहली बार जी 20 का नेतृत्व  भारत के लिए मिलना अभूतपूर्व उपलब्धि है। जी-20 के 11 से अधिक कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के चार शहरों में होंगे। शिक्षण संस्थाओं को भी चाहिए कि वे इससे खुद को जोड़कर स्थानीय स्तर पर अपनी तैयारी करें।

विज्ञापन

 
सीएम योगी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 90वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित पारितोषिक वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के नेतृत्व में जी 20 का थीम वसुधैव कुटुम्बकम है यानी एक परिवार, एक पृथ्वी और एक भविष्य। हमारे देश ने सदैव इसी भाव को महत्व दिया है। भारत ने हर मत, मजहब को विपत्ति में शरण दिया है।
 
अमेरिका और यूरोप के सभी देशों की सम्मलित आबादी से अधिक, 80 करोड़ लोगों को भारत ने कोरोना में मुफ्त राशन उपलब्ध कराया। आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष हजारों बच्चों की जान जिस इंसेफेलाइटिस से चली जाती थी, उसका टीका भारत आने में सौ साल लग गए थे। जबकि, कोरोना संकट में देश ने मात्र नौ माह में दो स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर दिए।

विज्ञापन

उद्योगों के साथ जुड़ें शिक्षण संस्थाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण संस्थाओं को उद्योग के साथ जुड़ना होगा। कक्षाओं तक सीमित रहने की जगह व्यावहारिक जानकारी की ओर अग्रसर होना होगा। ढाई साल के कोरोना में उत्तर प्रदेश में 23600 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सड़क हादसों में एक साल में इतनी ही मौत हो जाती है। ओवर स्पीडिंग, हेलमेट-सीट बेल्ट न प्रयोग करना और गलत रोड इंजीनियरिंग इसके कारण हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें