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यूपी: सिंगापुर को भा गई सिद्धार्थनगर के 'कालानमक' की खुशबू, जानिए क्या है इसकी खासियत

Fri, 09 Jul 2021 06:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।

सार

डिजिटल-किसान समूह को मिला 35 टन चावल का आर्डर। दूसरी बार सिंगापुर में निर्यात होगा बड़ी मात्रा में चावल।
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कालानमक चावल - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सिद्धाथनगर में पैदा होने वाला कालानमक चावल की खुशबू सिंगापुर में तेजी से फैल रही है। सिंगापुर में 35 टन चावल को निर्यात का ऑर्डर मिला है। पहली बार इतनी मात्रा में कालानमक चावल सिंगापुर में निर्यात होगा। निर्यात होने के कारण किसानों का धान एकमुश्त बिक जा रहा है और अच्छी कीमत मिल रही है।
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जिले में 1125 किसानों के समूह को 35 टन चावल का ऑर्डर मिला है, जबकि मार्च 2021 में पांच टन चावल भेजा गया था। चावल की खुशबू फैली तो सिंगापुर से एकमुश्त 35 टन चावल का ऑर्डर मिला है। सरकार की मध्यस्थता एवं सहयोग के माध्यम से किसानों का चावल सिंगापुर भेजा जा रहा है। किसानों का समूह चावल को ट्रक के माध्यम से दिल्ली में भेजेगा, उसके बाद सिंगापुर की ओर से आयात करने वाली कंपनी प्रोसेंसिंग के बाद चावल को पानी जहाज के माध्यम से ले जाएगी।

धान का उतारेंगे छिलका
किसान उत्पादक समूह के डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में कालानमक चावल का ऑर्डर मिला है। समूह के पास 45 टन चावल था, जिसमें 35 टन एकमुश्त निर्यात हो जाएगा। जिले के चावल का सैंपल पास होने के बाद सिंगापुर में चावल की मांग बढ़ गई है। धान का छिलका उतारकर सिंगापुर में भेजा जाता है।
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मिल रही है अच्छी कीमत

जिले में कालानमक के तीन किस्म के चावल की कीमत 100 से 150 रुपये किलोग्राम तक है। निर्यात होने वाले चावल की पहली परत उतारी जाती है तो एक क्विंटल चावल में करीब 95 किग्रा चावल प्राप्त हो जाता है, जबकि धान से चावल बनाने की प्रक्रिया में एक क्विंटल में लगभग 65 किग्रा चावल निकलता है। इस प्रकार निर्यात करने में किसानों को चावल की अच्छी कीमत मिल रही है। इस बार निर्यात के लिए 90 रुपया प्रति किग्रा की दर से अनुबंध हुआ है। अगली बार में और अच्छी कीमत मिलने की संभावना है।

ब्रांडिंग का हुआ असर
जिला उद्योग अधिकारी दयाशंकर सरोज ने कहा कि जिले में कालानमक चावल को एक जिला एक उत्पाद में शामिल होने के बाद सरकार की ओर चावल की ब्रांडिंग, मार्केटिंग की जा रही है। ओडीओपी में मार्केटिंग सेल भी बना हुआ है। ब्रांडिंग का ही असर है कि एकमुश्त 35 टन का ऑर्डर मिला है। अब कालानमक चालक की और अच्छी कीमत प्राप्त होगी।
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