सिद्धाथनगर में पैदा होने वाला कालानमक चावल की खुशबू सिंगापुर में तेजी से फैल रही है। सिंगापुर में 35 टन चावल को निर्यात का ऑर्डर मिला है। पहली बार इतनी मात्रा में कालानमक चावल सिंगापुर में निर्यात होगा। निर्यात होने के कारण किसानों का धान एकमुश्त बिक जा रहा है और अच्छी कीमत मिल रही है।
जिले में 1125 किसानों के समूह को 35 टन चावल का ऑर्डर मिला है, जबकि मार्च 2021 में पांच टन चावल भेजा गया था। चावल की खुशबू फैली तो सिंगापुर से एकमुश्त 35 टन चावल का ऑर्डर मिला है। सरकार की मध्यस्थता एवं सहयोग के माध्यम से किसानों का चावल सिंगापुर भेजा जा रहा है। किसानों का समूह चावल को ट्रक के माध्यम से दिल्ली में भेजेगा, उसके बाद सिंगापुर की ओर से आयात करने वाली कंपनी प्रोसेंसिंग के बाद चावल को पानी जहाज के माध्यम से ले जाएगी।
धान का उतारेंगे छिलका
किसान उत्पादक समूह के डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में कालानमक चावल का ऑर्डर मिला है। समूह के पास 45 टन चावल था, जिसमें 35 टन एकमुश्त निर्यात हो जाएगा। जिले के चावल का सैंपल पास होने के बाद सिंगापुर में चावल की मांग बढ़ गई है। धान का छिलका उतारकर सिंगापुर में भेजा जाता है।