दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षाएं तो ऑनलाइन कराई ही जा रही हैं, अब कॉपियों का भी डिजिटल मूल्यांकन होगा। ट्रायल के तौर पर इस वर्ष परास्नातक विज्ञान वर्ग की सेमेस्टर की कॉपियों को ऑनलाइन भेजकर चेक कराया जाएगा। प्रयोग सफल रहा तो इसे अन्य कक्षाओं में भी लागू करेंगे।
पिछले दिनों विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें ऑनलाइन मूल्यांकन का मामला भी रखा गया। इसपर सहमति बनी है कि विज्ञान वर्ग की कॉपियों का मूल्यांकन ऑनलाइन कराए जाएं। कॉपियों को स्कैन करके उसकी कोडिंग कराने के बाद शिक्षक के पास भेजा जाएगा। कॉपी को जांचने के बाद ऑनलाइन ही अंक दे दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया में फायदा यह होगा कि शिक्षक घर बैठे कापियों का मूल्यांकन कर लेंगे और वक्त बचेगा। कॉपियों को जांचने जब शिक्षक विश्वविद्यालय नहीं आएंगे तो उन्हें टीए, डीए भी नहीं देना पड़ेगा। इससे विश्वविद्यालय को भी आर्थिक बचत होगी। इस प्रक्रिया को जल्द ही अंतिम रूप देने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परास्नातक के सेमेस्टर की कॉपियों को इसलिए चुना है क्योंकि यह 10 हजार के आसपास होंगी। लिहाजा इसे जांचने में ज्यादा मुश्किल नहीं आएगी।
कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि परास्नातक की सेमेस्टर की कॉपियों को प्रयोग के तौर पर ऑनलाइन चेक कराने की तैयारी है। इस दिशा में काम चल रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया में कई फायदे हैं। समय की बचत तो है ही, पारदर्शिता भी रहेगी। रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा।