शहर में यातायात व्यवस्था की हकीकत जांचने के लिए डीआईजी राजेश मोदक सरकारी गाड़ी की बजाए रिक्शा से अकेले निकले। इस दौरान चौराहों पर अतिक्रमण और सुस्त पुलिसिंग देखकर वह हैरान रह गए। चौराहे पर ठेले वालों का कब्जा मिला तो बेरीकेडिंग पर पुलिसवाले या तो मौजूद नहीं थे या फिर सुस्त नजर आए। इसके बाद डीआईजी ने प्रभारी एसएसपी को बुलाकर व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
जानकारी के मुताबिक, शहर में जाम की वजह तलाश रहे डीआईजी रविवार की रात सरकारी गाड़ी से निकले थे। इसके बाद सोमवार की रात रिक्शा से अकेले शहर में निकले। रिक्शा से रेलवे स्टेशन की ओर गए तो देखा कि वहां बसें बेतरतीब खड़ी हैं। पुलिस मौजूद तो थी, लेकिन एक्टिव नहीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस फोर्स को बुलाया और फिर अन्य चौराहों की जांच की।
हर चौराहे पर ठेले वालों का कब्जा था, जो जाम की वजह बनती है। चौराहे और मुख्य मार्ग पर अपराध रोकने के लिए पुलिस बैरीकेडिंग की जाती है, लेकिन इस पर तैनात पुलिस वाले सक्रिय नहीं होते। डीआईजी एक-एक चौराहे पर जाकर जाम की वजह तलाश रहे हैं ताकि कारगर उपाय किया जा सके।
हर चौराहे पर जाकर जाम की वजह को तलाशा जा रहा है। इसे जानने के बाद उसी अनुसार कार्ययोजना बनाई जाएगी। चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सक्रिय रहें। एसएसपी से वार्ता कर व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
राजेश मोदक, डीआईजी