हाइवे पर रात के सन्नाटे में लूटपाट व अन्य वारदातों को रोकने के लिए फिर से पुलिस वैन दौड़ेगी। रोजाना एक एडिशनल एसपी रैंक के अफसर की जिम्मेदारी तय होगी और वह पेट्रोलिंग करेंगे। डीआईजी राजेश डी मोदक इसका खाका तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले में पुलिस की सतर्कता की निगरानी के लिए भी एक सीओ की ड्यूटी होगी, जो रोजाना ही मौके पर जांच कर रिपोर्ट डीआईजी को सौंपेंगे।
जानकारी के मुताबिक, 2016 में बुलंदशहर में हाइवे पर एक परिवार को बंधक बनाकर बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद हरकत में आई प्रदेश सरकार ने हाइवे पेट्रोलिंग शुरू कराई थी। तब गोरखपुर के आईजी रहे मोहित अग्रवाल ने अफसरों की ड्यूटी तय की थी, लेकिन दो साल पहले बड़ी खामोशी से पेट्रोलिंग को बंद कर दिया गया। अभी स्थिति यह है कि सिर्फ कागजों पर ही हाइवे पेट्रोलिंग हो रही है।
डीआईजी बीते दिनों शहर की सुरक्षा व्यवस्था देखने निकले तो गोरखपुर पुलिस सोती मिली थी। डीआईजी के निर्देश पर मोहद्दीपुर और पैडलेगंज चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया था। इसके बाद डीआईजी ने शहर और हाइवे सुरक्षा को लेकर खाका तैयार करना शुरू कर दिया। रेंज के सभी जिले में डीआईजी के प्लान पर काम होगा।