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गोरखपुर: अब हाइवे पर रुकेगी लूटपाट की वारदात, जल्द शुरू होगी पेट्रोलिंग

Sat, 14 Mar 2020 03:38 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • बड़ी खामोशी से बंद कर दी गई हाइवे पेट्रोलिंग पर डीआईजी सख्त
  • बोले, शहर में सुरक्षा जांचने को भी रोजाना सीओ की तय की जाएगी जिम्मेदारी
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाइवे पर रात के सन्नाटे में लूटपाट व अन्य वारदातों को रोकने के लिए फिर से पुलिस वैन दौड़ेगी। रोजाना एक एडिशनल एसपी रैंक के अफसर की जिम्मेदारी तय होगी और वह पेट्रोलिंग करेंगे। डीआईजी राजेश डी मोदक इसका खाका तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले में पुलिस की सतर्कता की निगरानी के लिए भी एक सीओ की ड्यूटी होगी, जो रोजाना ही मौके पर जांच कर रिपोर्ट डीआईजी को सौंपेंगे।
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जानकारी के मुताबिक, 2016 में बुलंदशहर में हाइवे पर एक परिवार को बंधक बनाकर बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद हरकत में आई प्रदेश सरकार ने हाइवे पेट्रोलिंग शुरू कराई थी। तब गोरखपुर के आईजी रहे मोहित अग्रवाल ने अफसरों की ड्यूटी तय की थी, लेकिन दो साल पहले बड़ी खामोशी से पेट्रोलिंग को बंद कर दिया गया। अभी स्थिति यह है कि सिर्फ कागजों पर ही हाइवे पेट्रोलिंग हो रही है।

डीआईजी बीते दिनों शहर की सुरक्षा व्यवस्था देखने निकले तो गोरखपुर पुलिस सोती मिली थी। डीआईजी के निर्देश पर मोहद्दीपुर और पैडलेगंज चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया था। इसके बाद डीआईजी ने शहर और हाइवे सुरक्षा को लेकर खाका तैयार करना शुरू कर दिया। रेंज के सभी जिले में डीआईजी के प्लान पर काम होगा।
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इस तरह फैला है हाइवे

गोरखपुर से महराजगंज जिले की सीमा तक एनएच 29 का विस्तार 43 किलोमीटर लंबा है। इसके अलावा गोरखपुर से देवरिया के बीच 50 किलोमीटर और गोरखपुर से महराजगंज जिले के बीच 53 किलोमीटर का स्टेट हाइवे है। इतने बड़े राजमार्ग और स्टेट हाइवे की सुरक्षा और गश्त की जिम्मेदारी फिलहाल उन थाना चौकियों पर है, जिनकी सीमा से होकर सड़क गुजरती है। वस्तुस्थिति यह है कि हाइवे की थाने और चौकियों पर तैनात पुलिस वाले पेट्रोलिंग करने की बजाय कुछ अन्य कामों में ही व्यस्त रहते हैं।

हाइवे पेट्रोलिंग शुरू कराई जाएगी। इसके अलावा शहर में सुरक्षा व्यवस्था देखने को रोजाना एक सीओ की जिम्मेदारी तय होगी। सुरक्षा को लेकर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश डी मोदक, डीआईजी
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