गोरखपुर जिले के चौरीचौरा के भाजपा विधायक सरवन निषाद के समर्थक को जेल में बंद धर्मवीर यादव ने ही फोन किया था। पुलिस की पूछताछ में यह बात धर्मवीर ने स्वीकार की है। पुष्टि होने के बाद पुलिस धर्मवीर के आवाज के नमूने की एफएसएल जांच के लिए कोर्ट से अनुमति लेगी।
इसके बाद ही मामले की वैज्ञानिक पुष्टि हो पाएगी। उधर, धर्मवीर का धमकी भरा फोन आने के बाद जेल प्रशासन ने उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया। जेल से फोन किए जाने की पुष्टि के बाद जेल प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है।
जानकारी के मुताबिक, केस की विवेचना कर रहे चौरीचौरा थाने के विवेचक एसएसआई दिनेश बहादुर सिंह मंगलवार को जिला कारागार पहुंचे। हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद देवरिया के गौरी बाजार थानाक्षेत्र निवासी बदमाश धर्मवीर यादव से घटना के संबंध में पूछताछ की थी।
शुरुआती पूछताछ और जांच में इस बात की पुष्टि हो गई कि धर्मवीर ने ही जेल से फोन किया था। अब पुलिस जल्द से जल्द वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने में जुट गई है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि अब तक की जांच में यही सामने आया है कि जेल में बंद धर्मवीर ने ही धमकी भरा फोन किया था। जल्द ही कोर्ट से अनुमति लेकर आवाज के नमूने को जांच के लिए भेज दिया जाएगा।