योजना के तहत दानकर्ता द्वारा उत्तर प्रदेश मातृभूमि सोसाइटी के बैंक खाते में धनराशि दान करने के 30 दिन के भीतर प्रशासनिक अनुमति प्रदान करने का प्रावधान है। मुख्य विकास अधिकारी अपनी प्रशासनिक स्वीकृति के साथ डीएम को उस कार्य की प्रगति से अवगत कराएंगे। निर्माण कार्य सरकारी व निजी कंपनी भी करा सकती हैं।
दानदाता को जाएगा सारा श्रेय
डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह का कहना है कि योजना के तहत विकास का सारा श्रेय दानदाता को मिलेगा। शिलापट दानदाता का ही लगेगा। इसके लिए योजना की कुल धनराशि का 60 फीसदी उन्हें देना होगा। शेष 40 फीसदी सरकार अनुदान के रूप में देगी। ग्राम पंचायतों से निकल दूसरे राज्यों एवं देशों में बस गए लोगों से संवाद कर उन्हें गांव के विकास में प्रेरित करने की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को दी गई है। प्रधान भी इसमें सहयोग कर सकते हैं। कोई भी प्रवासी या अप्रवासी इस योजना के तहत गांव के विकास के लिए काम कराना चाहता है, उसका पूरा सहयोग किया जाएगा। इच्छुक लोग मुझसे, बीडीओ या एडीओ से संपर्क कर सकते हैं।