गोरखपुर में सांप काटने की दशा में अब बिना पोस्टमार्टम के संबंधित आश्रितों को शासन से आर्थिक मदद नहीं मिलेगी। हालांकि, इसके लिए बिसरा रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सात दिन के भीतर अनिवार्य तौर पर आर्थिक मदद मिल जाएगी। पहले पोस्टमार्टम अनिवार्य नहीं था। डॉक्टर की रिपोर्ट के सत्यापन पर ही मदद मिल जाती थी।
बता दें कि, प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे में सर्पदंश से मौतों को राज्य आपदा के रूप में शामिल किया था। इसके तहत मृतक आश्रितों को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलने लगी। शुरू में सर्पदंश से हुई मौतों के लिए पोस्टमार्टम अनिवार्य नहीं था।
डॉक्टर की रिपोर्ट का सीएमओ कार्यालय की ओर से सत्यापन करा लिया जाता था। उस रिपोर्ट और पुलिस के पंचनामा को आधार मान कर आर्थिक मदद दे दी जाती थी, मगर अब शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सर्पदंश से हुई मौतों के लिए पोस्टमार्टम कराना ही पड़ेगा।
बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आर्थिक मदद नहीं मिलेगी। सिर्फ इतनी राहत मिली है कि आर्थिक मदद देने के लिए बिसरा का इंतजार नहीं किया जाएगा। गोरखपुर कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि पहले सर्पदंश के मामलों में मृतकों के परिजन अधिकांश मामलों में जानकारी के अभाव में पोस्टमार्टम ही नहीं कराते थे। फिर भी उनकी मदद के लिए डॉक्टर की रिपोर्ट और पुलिस के पंचनामा के आधार पर सत्यापन करा आर्थिक मदद दे दी जाती थी।
जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता का कहना है कि सर्पदंश के मामले में 2021-22 में सिर्फ एक व्यक्ति के निधन पर उनके परिजनों को आर्थिक मदद मिली है।