एक वर्ष के बाद अगर विद्यार्थी पाठ्यक्रम छोड़ता है तो उसे डिप्लोमा 'सर्टिफिकेट' दिया जाएगा। पाठ्यक्रम का दो वर्ष पूरा करने के बाद वह डिप्लोमा प्रमाण-पत्र का हकदार हो जाएगा। तीन वर्ष पूरा करने वाले को स्नातक की डिग्री दी जाएगी। स्नातक के बाद दो वर्ष एमजेएमसी की पढ़ाई कर परास्नातक डिग्री प्राप्त करेंगे।
इसे भी पढ़ें: महिला से दुष्कर्म, बेटी से निकाह का दबाव बनाने का आरोपी गिरफ्तार
नए सत्र में संयुक्त रूप से संचालित होगा पाठ्यक्रम- प्रो. दीपक त्यागी
हिंदी व पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी ने बताया कि विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में पत्रकारिता व जनसंचार के बीए-एमए पाठ्यक्रम में पढ़ाई शुरू कर दी गई है। नए सत्र में इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का विकल्प भी खोल दिया गया है।
पहले विश्वविद्यालय में केवल बीजे का पाठ्यक्रम चलता था पर बीते वर्ष से पत्रकारिता में एमए का पाठ्यक्रम भी शुरू किया गया था, जिसका संचालन हो रहा है। नए सत्र से यह सभी पाठ्यक्रम संयुक्त रूप से संचालित किए जाएंगे।