जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोला निवासी सत्यप्रकाश दुबे और उनके परिवार के लोगों की हत्या के आरोपी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव व अन्य 10 के घरों की जमीन की पैमाइश राजस्व टीम ने मंगलवार को की थी। डीएम के निर्देश पर राजस्व की टीम ने पूरे दिन गांव की सरकारी जमीनों, खलिहानों, ग्राम समाज की जमीन, बगीचे, नवीन परती, स्कूल की भूमि, खाद के गड्ढ़ों का ब्योरा तैयार किया। इसकी रिपोर्ट देर शाम सीआरओ को सौंप दी गई थी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग की छानबीन में प्रेम यादव का मकान खलिहान की भूमि पर बना पाया गया है। इसकी रिपोर्ट मंगलवार की रात राजस्व विभाग की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी थी। इसके बाद रात में ही निर्णय हो गया कि बुधवार की सुबह आठ बजे लेहड़ा टोले की सरकारी जमीनों पर बने मकानों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। रात में ही कुछ लेखपालों को बुलडोजर की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दे दी गई। इसके बाद जिला मुख्यालय, रुद्रपुर तहसील व बरहज क्षेत्र के कई जेसीबी मालिकों के पास फोन किया गया। रात में ही चार बुलडोजर की व्यवस्था की गई।
बुधवार की सुबह एक बुलडोजर गांव के बाहर खड़ा कर दिया गया। इस जगह से अवैध बताया जा रहा प्रेम यादव का मकान कुछ दूरी पर है। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। धीरे-धीरे पुलिस और पीएसी के अतिरिक्त जवान भी गांव पहुंच गए। इसी बीच फोन आया कि कार्रवाई दो घंटे बाद 10 बजे से शुरू की जाएगी। दोपहर करीब 12 बजे गांव में तैनात कर्मचारियों ने राजस्व विभाग से संपर्क किया तो पता चला कि आला अफसर कागजी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। आदेश के इंतजार में धीरे-धीरे पूरा दिन बीत गया।
विभाग के जानकारों का कहना है कि जिला स्तर पर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण की सूची तैयार है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। देर शाम तक कार्रवाई का आदेश न मिलने के कारण बुलडोजर नहीं चला। मुख्य राजस्व अधिकारी रजनीश राय ने बताया कि सरकारी जमीनों की पैमाइश की गई है। इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। आगे की कार्रवाई निर्देश मिलने पर की जाएगी।
प्रेम यादव के मकान के बाहर के हाते में ताला बंद रहा। बाहर दिनभर पुलिसकर्मी तैनात रहे। घर के अंदर पत्नी शीला, छोटे भाई रामजी यादव की पत्नी किरण को भय सता रहा था कि उनके मकान पर चंद पलों में कार्रवाई होने वाली है। प्रेम यादव की पत्नी अपनी बेटी अर्चना, अलका और अंशिका, बेटे तेजप्रताप के साथ बैठी हुईं थीं। अगर कोई दरवाजे पर आवाज दे रहा था तो भी बाहर नहीं निकल रहे थे। संवाद
देवरिया जिले में फतेहपुर गांव में सत्यप्रकाश दुबे और उनके परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस नामजद कुल 27 लोगों में से 20 को गिरफ्तार कर चुकी है। सात नामजद और 50 अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में मृतक सत्यप्रकाश दुबे की बेटी शोभिता की तहरीर पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के 27 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इनमें से मंगलवार को 16 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। वहीं, अज्ञात लोगों को चिह्नित करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
सीओ जिलाजीत ने बताया कि घटना में आरोपी रामायन पाल, रघुवीर पाल, सुदामा पाल और सुग्रीव पाल को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायालय और वहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवा दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।