पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे धनंजय राव कहते हैं कि जिला पंचायत कैंपस में उत्तरी एवं दक्षिणी दो कालोनियां हैं। दक्षिणी कालोनी के साथ यह मिथक नहीं है। उनकी पत्नी अंजू राव और डॉ. सत्यप्रकाश मणि ने वर्ष 2000 में यहीं रहते हुए जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
उधर, अधिवक्ता आनंद राय का कहना है कि जिला पंचायत कैंपस में जो सत्ता में रहा, उसने आवास आवंटन करा तो लिया लेकिन वह दोबारा चुनाव में विजय हासिल नहीं कर सका। हालांकि डॉ. सत्यप्रकाश मणि ने इस मिथक को तोड़ दिया है।
जिला पंचायत के 25 से अधिक आवासों में कई दिग्गज काबिज हैं। कुछ ने आवंटन कराया है तो कुछ ऐसे ही रह रहे हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पंचायत कैंपस के उत्तरी लेन में सदर सांसद रमापति राम त्रिपाठी, पूर्व एमएलसी रामाशीष राय, पूर्व मंत्री स्व. शाकिर अली, पूर्व विधायक स्व. जन्मेजय सिंह के परिवार के लोग रहते हैं।
दक्षिणी लेन में डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, धनंजय राव, पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि, रामप्रवेश यादव, जयनारायण सिंह आदि का आवास है। इसके अलावा जिला पंचायत के ही भवनों में राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, पूर्व अध्यक्ष बृजानंद सिंह के पुत्र मुरारी सिंह, पूर्व विधायक गजाला लारी, भाटपाररानी के सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. गोकरण सिंह, अखिलेंद्र शाही, रविभूषण सिंह, शिवानंद नायक, संजय शाही, जितेंद्र उपाध्याय, राजेश सिंह, सपा नेता अशोक यादव, सपा नेता विजय रावत सहित 25 से अधिक लोगों के परिवार रहते हैं। इनमें तीन-चार लोगों ने भूमि नजूल की होने के नाते फ्री होल्ड करा ली है, जबकि कुछ लोगों के आवेदन लंबित हैं।