- बाजार में बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करने की मांग
- कहा-प्रशासन को सौंपा है मांग पत्र, मानसून से पहले समाधान नहीं होने पर उतरेंगे सड़क पर
गोरखपुर। जिले के व्यापारी इन दिनों कारोबार से ज्यादा जाम, अतिक्रमण और सड़क के ले-आउट की समस्याओं में उलझे हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। मानसून से पहले समस्याओं का समाधान न हुआ तो उन्होंने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा को सौंपे मांग पत्र में व्यापारियों ने बाजारों में जाम, अतिक्रमण, जलनिकासी, पार्किंग और सड़क व्यवस्था जैसी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। उनका कहना है कि प्रशासन ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन अब यह देखना होगा कि उस पर कितना अमल होता है।
यह है व्यापारियों की प्रमुख मांगें
- खाद्य लाइसेंस शुल्क दर पुराना ही दो हजार रुपये रखा जाए।
- गोलघर के साथ ही शहर में पार्किंग का विस्तार किया जाए।
- नाले का स्लैब को सड़क से आधा से एक फीट ऊपर है, इसे सड़क के बराबर करें।
- विरासत गलियारे में कार्य तेज करें।
- चटोरी गली के रास्ते को वाहनों के लिए खोला जाए।
- आयात संबंधी समस्याओं, रोजगार पर पड़ने वाले असर और व्यापार और राष्ट्रहित के बीच संतुलन स्थापित किया जाए।
- कचहरी क्लब मैदान और जीडीए टावर क्षेत्र में अंडरग्राउंड पार्किंग निर्माण हो।
व्यापारियों की सुनिए
सड़क चौड़ी होने के बजाय और पतली हो गई है। धर्मशाला आदि में 10 फिट के लगभग का स्लैब बना हुआ है जिसके कारण अब ये अतिक्रमण का कारण बनेगा। दुकानदारों को भी अपने यहां से मॉल लोडिंग अनलोडिंग कराने में परेशानी हो रही है।
- नितिन जायसवाल, अध्यक्ष, समस्त व्यापार मंडल
महिलाओं एवं उपभोक्ताओं से सीधे स्वर्ण आभूषण न खरीदने की अपील किए जाने के स्थान पर उन्हें पुराने आभूषणों के बदले नए आभूषण लेने को प्रेरित किया जाए। इससे बाजार में नए स्वर्ण की मांग नियंत्रित हो सकेगा। घरेलू सोने का दोबारा उपयोग बढ़ेगा।
- गणेश वर्मा, अध्यक्ष, सराफा मंडल
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1.5 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए खाद्य लाइसेंस शुल्क में काफी वृद्धि की गई है। पहले यह शुल्क 2,000 रुपये वार्षिक था, जिसे बढ़ाकर अब 5000 रुपये कर दिया गया है, जो दो हजार ही होना चाहिए।
अनूप किशोर अग्रवाल, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ ट्रेडर्स