गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन के लिए संपर्क मार्ग के निर्माण में लेटलतीफी और हीलाहवाली करने पर नगर निगम ने निर्माण कार्य करने वाली फर्म शिवम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही जल्द से जल्द काम पूरा नहीं करने पर इसे काली सूची में डालने की चेतावनी भी दी है।
नगर निगम की ओर से शिवम इंफ्रास्ट्रक्चर को महेसरा स्थित बस चार्जिंग स्टेशन मुख्य मार्ग से एप्रोच मार्ग तक सीसी सड़क के निर्माण कार्य का जिम्मा दिया गया। कार्यादेश के अनुसार कार्य 22 सितंबर से शुरू कर 21 नवंबर तक काम को पूरा करा लेना था। कार्य की धीमी गति पर नोटिस देकर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने भी काम की धीमी गति पर नाराजगी जताई थी।
इसके बाद चार दिसंबर तक काम पूरा नहीं करने पर ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद आठ दिसंबर तक कार्य पूरा नहीं किया गया। वहीं ढाली गई सीसी सड़क पर पानी से तराई भी नहीं की गई, जबकि स्थलीय निरीक्षण के दौरान फर्म के कर्मचारी को अवगत करा दिया गया था। इसके बाद नगर निगम ने फर्म के खिलाफ कार्रवाई की है।
नगर निगम चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन संपर्क मार्ग बनाने के लिए काम करने वाली फर्म ने काफी अनियमितता बरती है। निर्माण कार्य में मानकों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में फर्म पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।