उत्तर प्रदेश के आकांक्षी जिलों में शामिल महात्मा बुद्ध की कर्मस्थली सिद्धार्थनगर स्थित बढ़नी कस्बा बालिका शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ रहा है। कारण कस्बे में बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए कोई शिक्षण संस्थान नहीं है। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को स्नातक शिक्षा लेने के लिए दूसरे जिले या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
कई मेधावी छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण इतनी दूर शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ होती हैं, नतीजतन उन्हें मजबूर होकर पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है। इधर, दिन प्रतिदिन बढ़ रही आपराधिक घटनाएं अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बनी हैं। बढ़नी कस्बे के संभ्रांत नागरिक इलाके में एक डिग्री कॉलेज खोले जाने को जरूरी मानते हैं।
समाजसेवी सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि 73 वर्ष पूर्व सन 1947 में बढ़नी कस्बे में गांधी आदर्श विद्यालय की स्थापना हुई थी। इसमें बालक तथा बालिकाएं शिक्षा ग्रहण करते चले आ रहे हैं। इंटरमीडिएट शिक्षा के बाद में किसी भी प्रकार की टेक्निकल अथवा उच्च शिक्षा की व्यवस्था क्षेत्र में देश आजाद होने के बाद में नहीं हो पाई।