उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के सूरजकुंड धाम में हर साल की तरह इस साल भी दीपावली के दूसरे दिन रविवार को दीपोत्सव का आयोजन किया गया। संस्कार भारती द्वारा आयोजित इस आयोजन में सरोवर पर एक साथ जले हजारों दीपों ने जमीन पर सितारों के उतरने का अहसास कराया। आयोजन को देखते हुए दोपहर से ही धाम पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए सिर्फ 100 श्रद्धालु को ही प्रवेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती से की गई। उसके बाद दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम शुरू हो हुआ। सभी ने बड़ी तत्परता से दीप जलाने शुरू किए और देखते ही देखते थोड़ी ही देर में सूरजकुंड धाम प्रकाश से जगमगा उठा। एक साथ हजारों दीप माहौल में अद्भुत छटा बिखेर रहे थे। इसके पूर्व संयोजक वीरेंद्र गुप्त ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए दीपोत्सव के उद्देश्य के बारे में बताया। संबोधन के क्रम में कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक सुभाष ने कहा ऐसे कार्यक्रमों से पारिवारिक समरसता का गुण विकसित होता है।
इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि यह आयोजन अपने आप में अद्भुत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस धाम के जीर्णोद्धार के लिए पहल कर इसे और भी भव्य बनाने का प्रयास किया है, वह दिन दूर नहीं जब सूरजकुंड धाम पर देव दीपोत्सव की भव्यता अपनी अनुपम छटा देश ही नहीं विदेशों तक बिखेरेगी। गोरखपुर एम्स के कुलसचिव करुणेश प्रताप सिंह ने कहा कि आयोजन में पहली बार आने का अवसर मिला। इस तरह के कार्यक्रमों से सांस्कृतिक एकता का प्रसार होता है।