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प्रभु श्रीराम ने गोरखपुर में यहां किया था दीपदान, हजारों दीपों से जगमगाया सूरजकुंड धाम

Mon, 16 Nov 2020 02:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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दीप प्रज्ज्वलित करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के सूरजकुंड धाम में हर साल की तरह इस साल भी दीपावली के दूसरे दिन रविवार को दीपोत्सव का आयोजन किया गया। संस्कार भारती द्वारा आयोजित इस आयोजन में सरोवर पर एक साथ जले हजारों दीपों ने जमीन पर सितारों के उतरने का अहसास कराया। आयोजन को देखते हुए दोपहर से ही धाम पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए सिर्फ 100 श्रद्धालु को ही प्रवेश दिया गया।
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कार्यक्रम की शुरूआत पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती से की गई। उसके बाद दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम शुरू हो हुआ। सभी ने बड़ी तत्परता से दीप जलाने शुरू किए और देखते ही देखते थोड़ी ही देर में सूरजकुंड धाम प्रकाश से जगमगा उठा। एक साथ हजारों दीप माहौल में अद्भुत छटा बिखेर रहे थे। इसके पूर्व संयोजक वीरेंद्र गुप्त ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए दीपोत्सव के उद्देश्य के बारे में बताया। संबोधन के क्रम में कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक सुभाष ने कहा ऐसे कार्यक्रमों से पारिवारिक समरसता का गुण विकसित होता है।

इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि यह आयोजन अपने आप में अद्भुत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस धाम के जीर्णोद्धार के लिए पहल कर इसे और भी भव्य बनाने का प्रयास किया है, वह दिन दूर नहीं जब सूरजकुंड धाम पर देव दीपोत्सव की भव्यता अपनी अनुपम छटा देश ही नहीं विदेशों तक बिखेरेगी। गोरखपुर एम्स के कुलसचिव करुणेश प्रताप सिंह ने कहा कि आयोजन में पहली बार आने का अवसर मिला। इस तरह के कार्यक्रमों से सांस्कृतिक एकता का प्रसार होता है।
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कलाकारों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

दीपदान के मौके पर सूरजकुंड धाम पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। संस्था का ध्येय गीत व गंगा आरती संगीत सयोजक त्रिपुरारी मिश्र के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। कलाकारों में आदर्श मौर्य, नुपुर सरकारी, अनुपम मुखर्जी, कोमल मौर्य, उर्वशी श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। संगतकर्ता अजय शर्मा रहे।
 
30 फिट की बनी रंगोली
सरोवर पर 30 फिट की रंगोली बनाई गई। जिसमें गोरक्ष प्रांत के रंगोली के सह संयोजक सुरेंद्र प्रजापति ने अनिल के साथ सुंदर आकृति को उकेरा।  

गौरतलब है कि सूरजकुंड धाम की महिमा बेहद खास है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम एक बार राज्य भ्रमण के लिए निकले थे। थककर उन्होंने यहीं विश्राम किया था। अगले दिन सुबह उठकर उन्होंने इसी सरोवर में स्नान किया था। बाहर निकल एक पिंड बनाकर सूर्यदेव का आह्वान किया था। सूर्यदेव ने जब दर्शन दिए तो भगवान श्रीराम ने उन्हें दीपदान किया था। ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों के अलावा सूरजकुंड का उल्लेख वाल्मिक के रामायण में भी है। भगवान श्रीराम ने दीपदान किया था इसीलिए सरोवर का नाम सूरजकुंड पड़ा था।
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