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Gorakhpur News: गीता प्रेस ने बंद की पंचवर्षीय सदस्यता योजना

Wed, 05 Aug 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। गीता प्रेस ने अपनी प्रतिष्ठित मासिक कल्याण पत्रिका की पंचवर्षीय सदस्यता योजना को बंद कर दिया है। इस वर्ष में केवल 500 रुपये की वार्षिक सदस्यता ही उपलब्ध कराई जा रही है। इस गीता प्रेस के अब तक के इतिहास में दूसरा बड़ा बदलाव है।
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गीता प्रेस की ओर से अब तक कल्याण पत्रिका के कुल मिलाकर लगभग डेढ़ लाख सदस्य हैं। इसमें आजीवन, पंचवर्षीय व वार्षिक सदस्य शामिल हैं। गीता प्रेस की ओर से 30 वर्ष पहले ही आजीवन सदस्यता योजना भी समाप्त कर चुका है। अब पंचवर्षीय सदस्यता भी इस वर्ष से समाप्त कर दी है। इस वर्ष केवल एक वर्ष की सदस्यता ही गीता प्रेस की ओर से दी जा रही है। गीता प्रेस के कल्याण पत्रिका के 4,900 से अधिक आजीवन सदस्य हैं। इनमें लगभग 42 विदेशी सदस्य भी शामिल हैं। आजीवन सदस्यों को यह पत्रिका मुफ्त दी जाती है। इसके साथ ही बाकी सदस्य पंचवर्षीय व वार्षिक ही हैं, जो एक हजार रुपये में बनाई जाती थी। तीन प्रकार की दी जाने वाली सदस्यता में अब केवल वार्षिक सदस्यता ही बची है जिसे लोग ले रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध, कागज, छपाई और डाक खर्च महंगा होने पर लिया गया निर्णय
गीता प्रेस के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की परिस्थितियों, कागज, छपाई और डाक खर्च में लगातार बढ़ोतरी और कागज पर जीएसटी 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर देने से महंगाई के कारण भविष्य की लागत का सटीक अनुमान लगाना कठिन होने के कारण पंचवर्षीय सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
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पत्रिका भेजने की व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव
गीता प्रेस ने कल्याण पत्रिका भेजने की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब कल्याण पत्रिका साधारण डाक से नहीं भेजी जा रही, बल्कि पंजीकृत डाक के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाई जा रही। इससे पत्रिका की सुरक्षित और समय से डिलीवरी देने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे पाठकों को परेशानी न हो सके।

बोले प्रबंधकअंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की परिस्थितियों, कागज, छपाई और डाक खर्च में लगातार बढ़ोतरी और जीएसटी बढ़ने के कारण के कारण महंगाई हो गई है। जिससे अब पंचवर्षीय सदस्यता को बंद कर दिया गया है। अब केवल एक साल के ही सदस्य बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अब पाठकों को रजिस्ट्री से ही वितरण किया जा रहा है।
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- लालमणि तिवारी, प्रबंधक, गीताप्रेस
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