गोरखपुर (Gorakhpur) में कर्ज से परेशान शिक्षक ने खुद छिपकर शाहपुर थाने में अपहरण की सूचना दी थी। शुक्रवार को सर्विलांस की मदद से पुलिस (Police) ने मिर्जापुर जिले के विंध्याचल मंदिर के पास से कथित अपहृत शिक्षक को बरामद कर लिया। जांच में सच्चाई सामने आने पर शिक्षक को स्वजन के साथ घेर भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ जिले के निवासी सूबेदार परिवार के साथ शाहपुर क्षेत्र में किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। वह एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है। कोरोना काल के दौरान उनकी नौकरी चली गई। घर की जीविका चलाने के लिए उन्होंने कई लोगों से कर्ज ले लिया।
नौकरी न मिलने की वजह से कर्ज चुकाने में असुविधा हो रही थी।19 जुलाई को कुशीनगर जाने की बात कह घर से निकले सूबेदार देर रात तक घर नहीं लौटे। मोबाइल बंद होने पर स्वजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।
अगले दिन वाट्सएप के जरिए मैसेज भेजकर अपहरण होने की जानकारी दी। मैसेज में लिखा था कि लखनऊ की जमीन बेचकर रुपये का इंतजाम करो।