लाइनमैन रामकिशुन की मौत करंट लगने से हो गई। लेकिन, गीडा के अधिशासी अभियंता से लेकर अन्य जिम्मेदारों को पता ही नहीं कि शटडाउन कितने बजे का था और किसने लिया? जबकि, मुख्य अभियंता एके सिंह ने 10 दिन पहले ही निर्देशित किया था कि नियमानुसार ही शटडाउन लिया जाएगा। फोन पर शटडाउन लेने और देने वाले कर्मचारियों या क्षेत्र के जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय की जाएगी। लेकिन फिर लापरवाही से एक लाइनमैन की जान चली गई।
गीडा अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा ने कहा कि शटडाउन कैसे लिया गया था? ये जांच का विषय है। अब लाइनमैन की मौत हो गई और वह बिजली निगम परिवार का हिस्सा था। घटना बेहद दुखद है। करंट लगने से ही मौत हुई है, ये तो तय है। बिजली घर से शटडाउन कब, कैसे दिया गया था, इसकी जांच करवाई जाएगी।
जून में भी हो चुकी है एक मौत
नौ जून को फाल्ट ठीक करते समय करंट आने से राजधानी उपकेंद्र के संविदा लाइनमैन मुराली की मौत हो गई थी। तब पता लगा कि पहले से लगी रोक के बाद भी फोन पर ही शटडाउन लिया गया था। मामले में विद्युत सुरक्षा की टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के बाद अगर दोष बिजली निगम का सिद्ध होता है तो मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।