गोरखपुर जिले के बेलीपार में हुई घटना जिले की ऐसी पहली नहीं है। इसके पहले 12 अगस्त की रात दो बजे खजनी इलाके के वरपार वरगाह गांव में एक महिला एक महीने के बच्चे की चोरी के आरोप में पकड़ी गई थी। तब उसने पूछताछ में यह भी कबूला था कि एक बच्चा चुराने पर उसे पांच हजार रुपये मिलते हैं। जबकि, गैंग के लोग इस बच्चे को 50 हजार से एक लाख रुपये में बेच देते हैं।
हालांकि, यह बच्चे फिर कहां भेजे जाते हैं, इस बारे में आरोपी महिला को जानकारी नहीं थी। कई नाम सामने आए थे, लेकिन आज तक पुलिस इस गिरोह का पर्दाफाश नहीं कर सकी। एक युवक बाद में पकड़ा गया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक, मासूम बदमाशों के साफ्ट टारगेट होते हैं, यह सभी जानते हैं। कई बच्चे गायब हैं। लेकिन, पुलिस ने इसे कभी गंभीरता से लिया ही नहीं। लिहाजा, सक्रिय गिरोह के गुर्गे आसानी से एक के बाद दूसरी वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
चिलुआताल इलाके से बच्चा चोरी की घटना हो या फिर कैंपियरगंज से गायब बच्चा। सभी मामलों में पुलिस केस दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जब भी बच्चा चोरी के मामले में आरोपी पकड़े गए हैं तो इसके पीछे लोगों की सतर्कता ही सामने आई है। चाहे खजनी में पकड़ी गई महिला हो या फिर बुधवार को बेलीपार में पकड़े गए लोग। अगर, ग्रामीण सक्रिय न होते तो फिर बच्ची को बचा पाना संभव नहीं था।
पहले हुई घटनाएं
11 मई 2022 : चिलुआताल इलाके के महुआतार तिराहे पर ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले नरेश मांझी की पत्नी के गोद से बाइक सवार युवक-युवती एक महीने के बच्चे को लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद भी हो गई थी, लेकिन आरोपी नहीं पकड़े गए।
13 जुलाई 2022 : कैंपियरगंज के डुमरिया गांव निवासी राजेश यादव का डेढ़ साल का बेटा सिद्धार्थ घर के बाहर से गायब हो गया था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था, लेकिन आज तक न तो बच्चा बरामद हो सका और न ही आरोपी पकड़े गए।
13 अगस्त 2022 : खजनी इलाके के वरपार वरगाह गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के एक महीने के बच्चे को चोरी कर महिला भाग रही थी। उसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। जबकि, उसके दो साथी मौके से बाइक लेकर फरार हो गए थे। एक युवक बाद में पकड़ा गया, लेकिन गिरोह का पर्दाफाश नहीं हो सका।