रेलवे ट्रैक के किनारे मिले दो दोस्तों की मौत की जांच विशेष टीम करेगी। बस्ती और गोरखपुर में मिली लाश को पुलिस ने हादसा बताया था, लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी जोन अखिल कुमार ने कमेटी गठित कर जांच का आदेश दे दिया है। कमेटी में गोरखपुर, बस्ती व जीआपी के एक-एक सीओ को शामिल किया गया है। 10 दिन में जांच रिपोर्ट एडीजी ने मांगी है।
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के घोघरा निवासी योगेंद्र गौड़ (35) और उसके दोस्त सत्य प्रकाश सिंह (26) की 17 अगस्त को मौत हो गई थी। योगेंद्र की लाश पिपराइच में रेलवे ट्रैक के पास मिली थी, जबकि सत्यप्रकाश की लाश बस्ती जिले के गौर थाने के टिनिच रेलवे स्टेशन के पास बने एफसीआई गोदाम के सामने रेलवे ट्रैक पर मिली थी।
शुरुआती जांच में पता चला था कि दोनों को रोजगार के सिलसिले में खाड़ी देश जाना था। 15 अगस्त की शाम को दोनों वीजा के लिए मेडिकल जांच कराने लखनऊ जाने के लिए निकले। अगले दिन लखनऊ में मेडिकल कराकर रात में घर आने के लिए ट्रेन से निकले थे और फिर गिरने से मौत हो गई।
जीआरपी व जिले की पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप व सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीर शेयर की। योगेंद्र के बड़े भाई कृष्ण कुमार की नजर फोटो पर गई तो उन्होंने पहचान कर ली। इसकी जानकारी सत्यप्रकाश के परिजन को दी तो पता चला कि उसका शव टिनिच रेलवे स्टेशन के पास मिला है। परिवार के लोगों ने अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर दोनों की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी।
सत्यप्रकाश की हो गई थी मौत तो फिर बताया क्यों नहीं
परिजनों का सवाल है कि बस्ती में सत्यप्रकाश की मौत हो गई थी। अगर हादसा हुआ तो परिजनों को दोस्त योगेंद्र यह बात जरूर बताता, उसने किसी को नहीं बताया और फिर पिपराइच में उसकी लाश मिली। परिजनों ने साजिशन हत्या की आशंका जाहिर की है।
पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
- अखिल कुमार, एडीजी, गोरखपुर जोन