दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक और सफलता मिली है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले विदेशी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने को राजी हो गया है।
विदेशी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से मिलेगा। विदेशी विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई और पाठ्यक्रम के आधार पर 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से एशिया, अफ्रीका और अन्य देशों के छात्रों का डीडीयूजीयू की ओर आकर्षण बढ़ेगा। इससे विश्वविद्यालय के ग्लोबल कैंपस बनने की रफ्तार भी तेज होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय पहले से ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग, छात्र विनिमय कार्यक्रम और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। अब आईसीसीआर की छात्रवृत्ति योजना मिलने से इन प्रयासों को नई गति मिलेगी। इससे न केवल विदेशी विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि परिसर में बहुसांस्कृतिक और वैश्विक शैक्षणिक वातावरण भी विकसित होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यह सुविधा विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में विदेशी छात्रों की बढ़ती भागीदारी से विश्वविद्यालय की वैश्विक रैंकिंग, अकादमिक प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयूजीयू