फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीडीयू : नकलचियों के खिलाफ चला अभियान, 19 पकड़े गए

विज्ञापन
विज्ञापन
- डीडीयू में तीनों पालियों में मिलाकर कुल नौ छात्रों को मोबाइल के साथ पकड़ा गया
विज्ञापन

- गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में 14 और संत विनोबा पीजी कॉलेज में भी पांच के खिलाफ कार्रवाई

- मोबाइल और अन्य नकल सामग्री जब्त कर की गई अनुचित साधन प्रयोग के तहत हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संत विनोबा पीजी कॉलेज, देवरिया में शुक्रवार को नकलचियों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इसमें 19 छात्र-छात्राएं पकड़े गए। नौ छात्र-छात्राओं को मोबाइल के साथ पकड़ा गया है। सभी के खिलाफ अनुचित साधन प्रयोग (यूएफएम) के तहत कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि डीडीयू के दीक्षा भवन में सुबह नौ से 12 बजे की पाली में एमएससी कृषि, बीबीए और एमबीए आदि विषयों की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने के बाद कक्ष निरीक्षकों ने कुछ छात्रों को मोबाइल और नकल सामग्री के साथ देखा तो केंद्र व्यवस्थापक से शिकायत की। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से छात्रों को चेतावनी दी गई, फिर भी छात्र नहीं माने। इसके बाद नियंता मंडल को इसकी सूचना दी गई।
विज्ञापन

नियंता मंडल के सदस्यों ने सहायक नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय के नेतृत्व में सुरक्षाकर्मियों की मदद से एक-एक कमरे और छात्रों की तलाशी शुरू हुई। पहली पाली में कुल 12 छात्र-छात्राओं से नकल सामग्री बरामद की गई। इसमें आठ के पास से स्मार्टफोन मिला। चार अन्य के पास हस्तलिखित और गाइड की स्कैन फोटोकॉपी मिली। सभी के पास से अनुचित सामग्री, प्रश्न पत्र और उत्तरपुस्तिका जब्त कर उन्हें दूसरी प्रति दी गई।
दूसरी पाली में भी नियंता मंडल ने बीएड की परीक्षा दे रही दो छात्राओं को नकल सामग्री के साथ पकड़ा। इसमें एक के पास से मोबाइल और दूसरे के पास से विषय से संबंधित नकल सामग्री मिली। संत विनोबा पीजी कॉलेज, देवरिया में भी परीक्षा के दौरान पांच विद्यार्थियों को नकल सामग्री के साथ पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि ज्यादातर छात्र-छात्राएं सर्दी में ज्यादा कपड़े पहनने का लाभ उठाकर आसानी से नकल सामग्री कक्ष तक ले जा रहे हैं।
विज्ञापन

-
कोट
शुक्रवार को विभिन्न केंद्रों पर कुल 1,73,043 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी, जबकि 1697 अनुपस्थित रहे। 19 छात्र-छात्राओं के खिलाफ यूएफएम के तहत कार्रवाई की गई है।
- डॉ. कुलदीप सिंह, परीक्षा नियंत्रक, डीडीयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें