चार दिन तक फिरौती के लिए साइबर ठग दबाव बनाते रहे। जबकि किशोर सूरत में मिला। पुलिस भी अपहरण-फिरौती के जाल में उलझी थी। पुलिस बिहार से प्रयागराज तक तलाशती रही। अब टीम सूरत पहुंचने की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कुशीनगर में चार दिन पहले जिस बच्चे के लापता होने की सूचना का फायदा उठाकर साइबर ठग उसके परिवार वालों से वसूली करते रहे, वह सोमवार को सूरत के एक होटल में मिला। बाजार टोला निवासी 12 साल के सागर ने अपनी मां फुला देवी को फोन कर सूरत के एक होटल में होने की जानकारी दी।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर पुलिस ने होटल मालिक से वीडियो कॉल कर बातचीत की, बच्चे के सुरक्षित होने की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस टीम बच्चे को लाने के लिए सूरत रवाना होने की तैयारी में जुट गई है। फोन कर पैसा हड़पने वाले साइबर जालसाजों तक भी पहुंचने की कोशिश पुलिस कर रही है।
कटाई भरपुरवा गांव निवासी 12 साल का सागर बृहस्पतिवार को लापता हो गया था। परेशान घरवालों ने सोशल मीडिया पर उसकी फोटो पोस्ट कर सभी से मदद मांगी थी। इसके बाद से घरवालों के पास वसूली के लिए फोन आने लगे। दबाव में आकर परिवारवालों ने दो बार में 12 हजार रुपये भी भेज दिए।
विज्ञापन
ठग 50 हजार रुपये देने के लिए दबाव बनाने लगे तो परिजनों ने गांव वालों से चंदा जुटाना शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस की मौजूदगी में भी ठगों ने तीन बार फोन कर अलग-अलग लोकेशन से फिरौती की मांग की। वे बार-बार सागर के कब्जे में होने की बात कह रहे थे।
चार दिन परिवार साइबर ठगों के दबाव में था
सागर के लापता होने के बाद उसकी फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने परिवार को फोन करना शुरू किया था। कथित साइबर ठगों ने दावा किया कि सागर उनके कब्जे में है और उसे छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी।
रकम नहीं देने पर बालक को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई। डरे-सहमे परिवार ने कथित कॉल करने वालों के कहने पर अलग-अलग खातों में करीब 12 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद भी फिरौती की मांग बंद नहीं हुई। फोन और वीडियो कॉल के जरिए परिवार पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।
अपहरण-फिरौती के जाल में उलझी थी पुलिस, अब साइबर जालसाजों की तलाश
मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस बिहार और प्रयागराज तक संभावित ठिकानों पर बालक की तलाश करती रही। पुलिस की जांच कथित अपहरण और फिरौती के एंगल पर केंद्रित थी। सोमवार को घरवालों के पास सागर का फोन आने के बाद पुलिस के सामने घटनाक्रम की नई कड़ी जुड़ गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सागर कटाई भरपुरवा से सूरत तक कैसे पहुंचा और इस दौरान उसके साथ कौन-कौन लोग थे। पुलिस ने सूरत में रहने वाले सागर के गांव के लोगों से बात की है और बालक को लाकर अपने पास सुरक्षित रखने को कहा है। पुलिस का दावा है कि बालक के गांव के लोग सूरत में रहते हैं, इसके चलते वह वहां पर गया था। पुलिस का दावा है कि बालक के गांव के लोग सूरत में रहते हैं, इसके चलते वहां पर गया था।
अब ठगों का पता लगाने की चुनौती...कॉल डिटेल और खातों की जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि सागर के सूरत में सुरक्षित मिलने के बाद अब फिरौती मांगने वाले कथित साइबर ठगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उन मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल और जिन खातों में रकम भेजी गई उनकी जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि जालसाजों को सागर के लापता होने और उसकी तस्वीर की जानकारी कहां से मिली। पुलिस के सामने अब दो अहम सवाल हैं।
पहला, सागर अकेले सूरत पहुंचा या किसी ने उसे वहां पहुंचाया? दूसरा, परिवार से फिरौती मांगकर 12 हजार रुपये वसूलने वाले लोग कौन हैं? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सागर से पूछताछ और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्राथमिकता सागर को सुरक्षित वापस लाने की है। बालक कैसे सूरत पहुंचा इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार को धमकाकर रकम वसूलने वाले कथित साइबर ठगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। बालक को लाने के लिए टीम सूरत जाएगी।-राकेश प्रताप सिंह,सीओ सिटी