गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने मंगलवार को केंद्रीय पुस्तकालय तथा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निरीक्षण के दौरान वर्ष 2001 से बंद साइबर कैफे को 10 दिन के अंदर फिर से शुरू करने का निर्देश दिया।
पुस्तकालय के खराब रखरखाव पर नाराजगी जताते हुए कुलपति ने पांच कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया। पुस्तकालय के प्रवेश द्वार को सुसज्जित करने, पढ़ाई कक्ष का विस्तार करने, रैक की मरम्मत करने तथा किताबों को दीमक से बचाने के लिए एंटी-टरमाइट ट्रीटमेंट करने के साथ-साथ साफ सफाई एवं रंग रोगन का भी निर्देश दिया।
कहा कि किताबों की बाइंडिंग कराकर उनकी बार कोडिंग का कार्य पूरा करें। लाइब्रेरी के मेंटेनेंस में अर्न एंड लर्न के अंतर्गत छात्रों का सहयोग लेने एवं पुस्तकालय में आने वाली सभी जर्नल्स को नोटिफाई करने का भी आदेश दिया।
लाइब्रेरी के रखरखाव में लापरवाही देखकर कुलपति नसीहत दी साथ ही एक सप्ताह के भीतर दुबारा निरीक्षण करने को कहा। इसके बाद कुलपति ने इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा एमबीए विभाग का भी निरीक्षण किया। कक्षाओं के संचालन के बारे में छात्रों से बातचीत की। पेयजल तथा वॉशरूम की मरम्मत व सफाई कराने को कहा।
निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह, मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद, कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद, वित्त अधिकारी संत प्रकाश सिंह आदि उपस्थित रहे।